लॉकडाउन में बिछड़ा बुजुर्ग, 1 साल बाद सोशल मीडिया के जरिए मिला, मसीहा बने 3 युवक

Smart News Team, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 9:12 PM IST
  • कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ गया था. सोशल मीडिया के जरिए अपने परिवार वालों से मिला. बुजुर्ग व्यक्ति का नाम मनोहर सिंह है. वह राजस्थान के अजमेर के क्रिश्चियन गंज थाना के लोहागल इलाके के निवासी है. 
1 साल बाद सोशल मीडिया के जरिए अपने परिवार से मिला बुजुर्ग, मसीहा बने तीन युवक

जयपुर. सोशल मीडिया के जरिए एक बुजुर्ग व्यक्ति बुधवार देर रात अपने परिवार से मिला. वह पिछले साल करोना लोकडाउन के दौरान अपने परिवार से बिछड़ गया था. बुजुर्ग व्यक्ति का नाम मनहोरे  सिंह है . वह राजस्थान के अजमेर में क्रिश्चियन गंज थाना के लोहागल इलाके के निवासी है.जून 2020 में वह लापता हो गए थे . परिवार वालों ने बुजुर्गों के तलाश में जुटे थे और पुलिस को लापता होने की शिकायत पुलिस को भी दी गई थी. तीन युवक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बुजुर्ग व्यक्ति को अपने परिवार से मिलवाया.

तीनों युवक का नाम विवेक सिंह छारमेश शर्मा और कुणाल पारीक है. तीनों मित्र ने सोमवार शाम को बूंदी शहर में सर्किट हाउस के पास एक बुजुर्ग व्यक्ति को बुरे हालत में देखा. बुजुर्ग व्यक्ति को लाचार अवस्था में देख तीनों युवकों ने नगर निगम की ओर से संचालित शेल्टर होम में पहुंचाया जहां उन्हें खाना और कपड़ा दिए गए. पहचान के लिए छारमेश शर्मा ने बुधवार दोपहर को बुजुर्ग व्यक्ति की फोटो ली और फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट की. 

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तीनों दोस्तों ने बुजुर्ग व्यक्ति के फोटो को व्हाट्सएप के जरिए शेयर किया. जिससे बुजुर्ग व्यक्ति के परिवार तक पहुंच जाए. बुजुर्ग के भाई हनुमान सिंह को जैसे ही पता चला कि उनका लापता भाई मनहोरे बूंदी शहर में हैं. उन्होंने अपने दूसरे परिवारों के साथ बूंदी पहुंचे और उसे अजमेर वापस लाएं . छारमेश शर्मा ने बुजुर्ग का फोटो ली और तीनों दोस्तों ने बुजुर्ग की तस्वीर को व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया. हनुमान सिंह ने कहा कि मनहोरे बचपन से ही मानसिक रूप से बीमार है. परिवार वालों ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लापता हो गए थे .परिवार वालों के लोग तलाश में जुटे थे और पुलिस को भी शिकायत दी गई थी. 

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