राजस्थान में 4 मेडिकल कॉलेज की नींव रखकर बोले PM मोदी- CM गहलोत का शुक्रिया

Prince Sonker, Last updated: Thu, 30th Sep 2021, 9:56 PM IST
  • राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी ने चार मेडिकल कॉलेज की नींव रखते हुए राज्य के सीएम अशोक गहलोत का आभार जताया कि अलग पार्टी से होने के बावजूद उन्होंने इतने सारे काम की अपील की है जो बताता है कि उनका मुझ पर भरोसा है और यही हमारे लोकतंत्र की ताकत है.
(फाइल फोटो)

जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के चार जिलों में मेडिकल कॉलेज की नींव रखी. साथ ही पेट्रोकेमिकल्स टेक्नोलाजी इंस्टीट्यूट का उद्धाटन भी किया. राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का वर्चुअल शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की तारीफ करते हुए कहा कि दूसरी पार्टी का नेता होने के बाद भी मुख्यमंत्री ने इतनी मांगें रखी हैं जिससे लगता है कि उनका मुझ पर कितना भरोसा है और यह हमारे लोकतंत्र की ताकत है. पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी में भारत ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि राजस्थान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और 2000 से अधिक छात्रों को इन मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा.

 

पीएम मोदी ने सीएम गहलोत को भरोसा रखने के लिए धन्यवाद दिया

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कई कार्यों के लिए उन पर भरोसा करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "राजस्थान के मुख्यमंत्री को सुन रहा था. उन्होंने कार्यों की एक लंबी सूची मुझे दी है. मैं सीएम को धन्यवाद देता हूं कि उन्हें मुझ पर इतना भरोसा है. लोकतंत्र की यही सबसे बड़ी ताकत है. सीएम गहलोत की विचारधारा और पार्टी अलग है, मेरी राजनीतिक विचारधारा और पार्टी अलग है, लेकिन उन्होंने मुझ पर भरोसा किया, दिल खोलकर बात की. यह दोस्ती, यह विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है."

 

राजस्थान में बढ़ गई मेडिकल सीटें, यूजी-पीजी में दोगुनी हुई सीट

स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों पर पीएम ने कहा कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की धीमी रफ्तार एक समस्या है. देश मे एम्स, स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के नेटवर्क को तेजी से फैलाना जरूरी है. हम देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की बेहतरी के लिए एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से राजस्थान में 23 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी थी, इनमें से 7 शुरू हो चुके हैं. राजस्थान में मेडिकल सीटों को दोगुना कर दिया गया है. यूजी सीटें 2000 से बढ़ाकर 4000 कर दी गई हैं. जो पीजी सीटें एक हजार से भी कम थी अब उनकी संख्या 2100 तक पहुंच गई हैं.

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सात सालों में 170 से अधिक मेडिकल कॉलेज तैयार, 58 हजार सीट बढ़ी

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश मे इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेज़ी से चल रहा है. 2014 में देश में मेडिकल की अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की करीब 82 हजार सीटें थीं. आज इनकी संख्या 1 लाख 40 हजार तक पहुंच रही है. आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि 6 एम्स से आगे बढ़कर भारत 22 से ज्यादा एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है.

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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने हिंदी भाषी छात्रों के लिए खोले मेडिकल के रास्ते

पीएम ने कहा कि गांव और गरीब परिवार से आने वाले हिंदी भाषी युवाओं के लिए अंग्रेजी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई एक बड़ी बाधा रही है. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में मेडिकल की पढ़ाई का प्रावधान किया गया है. गांव के एक आम आदमी का बेटा और बेटी, जिन्होंने अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाई नहीं की है, अब वे भी डॉक्टर बन सकते हैं.

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