NCR से 50 फीसदी तक कम हो जाएगा राजस्थान के अलवर और भरतपुर का इलाका

Somya Sri, Last updated: Mon, 18th Oct 2021, 2:49 PM IST
  • एनसीआर रीजनल प्लान 2041 का ड्राफ्ट प्लान तैयार हो चुका है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की बैठक (NCRPB) में इसे मंजूरी भी दे दी गयी है. बैठक में एनसीआर का जियोग्राफिकल एरिया घटाकर 100 किमी करने का फैसला लिया गया है. जिससे राजस्थान के 2 जिले अलवर और भरतपुर का एरिया 50 फीसद तक एनसीआर से कम हो जाएगा.
NCR से 50 फीसदी तक कम हो जाएगा राजस्थान के अलवर और भरतपुर का इलाका (प्रतिकात्मक फोटो)

जयपुर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की बैठक (NCRPB) में एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के ड्राफ्ट प्लान को मंजूरी दे दी गयी है. बैठक में एनसीआर का जियोग्राफिकल एरिया घटाकर 100 किमी करने का फैसला किया गया है. जिससे राजस्थान के 2 जिले अलवर और भरतपुर का एरिया आने वाले समय में एनसीआर में से कम हो जाएगा. फिलहाल एनसीआर का जियोग्राफिकल एरिया 150 से 175 किलोमीटर तक फैला हुआ है.

मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के दो जिले अलवर और भरतपुर का अभी 13447 वर्ग किलोमीटर का एरिया दिल्ली एनसीआर में शामिल है. जबकि एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के तहत जियोग्राफिकल एरिया 100 किलोमीटर तक ही सीमित करने का निर्णय लिया गया है. अगर ये नया नियम लागू हो जाएगा तो अलवर और भरतपुर का वर्तमान एरिया 50 फीसद तक कम हो सकता है. जबकि अभी एनसीआर का जियोग्राफिकल एरिया 150 से 175 किलोमीटर तक फैला हुआ है.

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वहीं नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि ," केन्द्र सरकार ने हरियाणा सरकार के इशारे पर यह निर्णय किया है, ताकि हरियाणा सरकार के जिलों काे ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके." धारीवाल ने कहा कि," वे इस मुद्दे का विरोध कर चुके हैं. अगली बैठक में फिर से इस मुद्दे पर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय से बात करेंगे."

क्या है एनसीआर रीजनल प्लान 2041

मालूम हो कि एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के तहत नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एनसीआर में पर्यावरण व्यवस्था, जल संरक्षण, आपदा मैनेजमेंट, बिजली सहित कई बिंदु पर प्लान बनाया जा रहा है. जिसमें हेलीटैक्सी भी शामिल है. मुख्य नगर नियोजक, एमडीए इश्तियाक अहमद ने कहा कि "मेरठ विकास प्राधिकरण की तैैयार की जा रही महायोजना को भी रीजनल प्लान के साथ लिंक कर दिया जाता है. उसके हिसाब से ही शहरों के विकास का खाका तैयार किया जाता है. इसमें रीजनल कनेक्टिविटी पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है."

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