ड्राइवर के रिटायर होने पर ADM ने गाड़ी को सजवाया, खुद घर छोड़कर दी शानदार विदाई

MRITYUNJAY CHAUDHARY, Last updated: Tue, 1st Feb 2022, 8:51 PM IST
  • राजस्थान के बड़मेर के एडीएम का ड्राइवर 31 जनवरी को रिटायर हो गए. ड्राइवर के रिटायर होने पर एडीएम साहब ने पहले कार को फूलों से सजवाया. उसके बाद उन्होंने अपनी सीट पर ड्राइवर को बैठाया और खुद ड्राइव कर उन्हें घर छोड़कर आए. ऐसी विदाई देख रिटायर ड्राइवर भावुक हो गए.
ड्राइवर के रिटायर होने पर ADM ने गाड़ी को फूलों से सजवाया, खुद ड्राइव कर घर भी छोड़ा

जयपुर. राजस्थान में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अपने ड्राइवर के रिटायर होने पर खुद गाड़ी चलाकर घर छोड़ा. अधिकारी का ड्राइवर को इस तरह से सम्मान देने पर चालक भावुक हो गए. यह दृश्य राजस्थान के बाड़मेर में देखने को मिला. जहां पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश विश्नोई की कार चलाने वाले सरकार ड्राइवर मदनलाल 31 जनवरी को रिटायर हो गए. वहीं जब वह घर जाने लगे तो अधिकारी ने अपने ड्राइवर को एक दिन का साहब बनाया. उसके बाद उन्होंने खुद चालक बनकर ड्राइवर को सम्मान देते हुए घर छोड़ा.

मदनलाल ने 40 सल तक अधिकारीयों की सेवा की. वह इतने सालों तक साहब के आने पर गेट खोलते और उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाना उनकी आदत में शुमार हो गया था. लेकिन वह मदनलाल रिटायर हुए तो उनके अफसर ने उनके लिए गाड़ी का गेट खोला तो वह भावुक हो गए. एडीएम ने उनको अपनी सीट पर बैठाया और खुद स्टेयरिंग संभालते हुए मदनलाल को घर तक छोड़ा और उनकी सेवाओं के साधुवाद दिया. ऐसी विदाई देखकर मदनलाल भावुक हो गए. वहीं यह विदाई उनके जीवनभर ना भूलने वाला सुखद अहसास बन गया.

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एडीएम विश्नोई ने जिस तरह अपने ड्राइवर के रिटायर होने पर विदाई की उसे देखकर महकमे में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में चर्चा हो रही है. इतना ही नहीं एडीएम विश्नोई ने अपनी बत्ती लगी कार को फूलों से सजवाया भी. फिर खुद ड्राइवर बनकर मदनलाल को ऑफिस से लेकर घर तक पहुंचे. वहीं अपने घर पर एडीएम को देख मदनलाल के परिवार में खुशी लहर दौड़ गई.

अपने ड्राइवर मदनलाल को खुद घर छोड़ने पर एडीएम विश्नोई ने कहा कि उन्होंने 40 साल तक कलेक्ट्रेट में अपनी सेवाए दी है. साथ ही उनसे इतना लगाव था कि कभी लगा ही नहीं कि वे मेरे ड्राइवर है. वे हमेशा परिवार के सदस्य की तरह रहे. इसी लगाव के चलते उन्हें मैं ड्राइवर बनकर खुद उन्हें घर छोड़कर आया हूं. साथ ही उन्होंने कहा कि मदनलाल यह तोहफा पाने के हकदार थे.

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