लाखों कर्मचारियों को गहलोत सरकार ने दी राहत, GPF की ब्याज दर में कटौती नहीं

Smart News Team, Last updated: Thu, 13th May 2021, 8:54 PM IST
  • अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. राजस्थान सरकार ने जीपीएफ की ब्याज दरों कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है. इससे राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा.
राजस्थान सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा.

जयपुर. कोरोना वायरस के संकट के बीच राजस्थान की गहलोत सरकार ने जीपीएफ की ब्याज दरों में कटौती न करने का फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले से राजस्थान के 8 लाख सरकारी कर्मचारी और साढ़े 4 लाख पेशनर्स को बड़ी राहत मिली है. इस बारे में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. मिली जानकारी के अनुसार, ये ब्याज दर 30 जून 2021 तक लागू मानी जाएंगी.

वित्त विभाग की ओर से जारी हुए आदेश के मुताबिक, जीपीएफ, सीपीएफ और दूसरी बचत योजना में 7.1 फीसदी ही ब्याज दर रहेगी. इससे पहले 1 फरवरी से 31 मार्च तक के लिए भी यही दर थी. तय ब्याज दरें 1 अप्रैल 2021 से 30 जून 2021 तक लागू रहेंगी. माना जा रहा था कि राज्य सरकार आर्थिक स्थिति को देखते हुए ब्याज दर में कटौती करेगी.

जयपुर: वैक्सीन न होने से वैक्सीनेशन सेंटर करने पड़ रहे बंद- CMHO नरोत्तम शर्मा

इससे पहले राजस्थान सरकार ने 30 अप्रैल 2020 को जीपीएफ और सीपीएफ के ब्याज दर में 0.8 प्रतिशत की कटौती की थी. इस कटौती से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान हुआ था. आर्थिक संकट होने के बावजूद राज्य सरकार ने इस बार ब्याज दर में कोई कटौती नहीं की है. जिससे राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा.

जयपुर में CHO ज्वॉइनिंग के दौरान दिखा कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन

क्या है जीपीएफ?

सरकार ने जिस जीपीएफ की ब्याज दर को स्थिर रखा है वो एक जनरल प्रोविडेंट फंड है. कर्मचारी अपनी सैलरी में से कम से कम 6 फीसदी भाग इसमें जमा कर सकते हैं. जिसे वे अपनी नौकरी के रिटायरमेंट के समय निकाल सकते हैं. इसमें जमा पैसे और ब्याज दर को टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें