अशोक गहलोत बोले- कोर्ट में नहीं टिकेगा लव जिहाद कानून, प्यार- शादी पर पहरा नहीं

Smart News Team, Last updated: 20/11/2020 03:27 PM IST
  • राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने यूपी, एमपी समेत कई बीजेपी शासित राज्यों में लव जिहाद कानून की तैयारी के बीच कहा है कि प्यार और शादी पर पहरा लोगों की आजादी में सरकारी दखल है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए लव जिहाद शब्द इजाद किया है लेकिन ये कानून कोर्ट में टिक नहीं पाएगा.
CM अशोक गहलोत ने कहा लव में जिहाद का कोई स्थान नहीं. 

जयपुर. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने लव जिहाद के खिलाफ बीजेपी शासित यूपी और एमपी में कानून बनाए जाने के ऐलान पर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने इस प्रस्तावित कानून को असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि लव जिहाद भाजपा का राष्ट्र को विभाजित करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए बनाया गया एक शब्द है.

सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि शादी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है. इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कानून लागना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून कोर्ट में नहीं टिक पाएगा. प्रेम में जिहाद का कोई स्थान नहीं है. 

सीएम गहलोत ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर लव जिहाद के खिलाफ बन रहे कानून के लिए बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये देश में एक ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जहां सहमति के साथ विवाह करने वाले भी राज्य की दया पर निर्भर होंगे. उन्होंने कहा कि शादी एक व्यक्तिगत फैसला है और वे इस पर अंकुश लगा रहे हैं. यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है. 

सीएम गहलोत के ट्वीट के बाद राजस्थान के बीजेपी प्रमुख सतीश पूनिया ने जवाबी उत्तर देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में विवाह केवल एक व्यक्ति की पसंद नहीं है. यहां धर्म और समाज की स्वीकृति को भी शामिल किया जाता है. लव जिहाद का एजेंडा हमारी बेटियों को पीड़ा पहुंचा रहा है और इसे नजरअंदाज करना छोटी सोच को दर्शाता है.

जयपुर: पुलिस ने जाली नोट छापने वाले कारखाने पर मारा छापा, दो लोग गिरफ्तार

सीएम गहलोत ने कहा कि इस फैसले से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावाना है, सामाजिक संघर्ष बाधित हो सकता है. यह कानून राज्य के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लघंन करता है, जो किसी भी आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं कर सकता है.

जयपुर पुलिस की लेडी इंस्पेक्टर ने लगाया यौन शोषण का आरोप, ASP पर रेप के

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें