राजस्थान शिक्षा विभाग ने बदला सेवा नियम, DEO पर सीधी भर्ती का प्रावधान हटा

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Jul 2021, 12:39 PM IST
  • राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 1970 एवं राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 को अब एक कर दिया गया है. माध्यमिक स्कूलों से हैडमास्टर का पद समाप्त होगा और सभी हैडमास्टरों को प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नत कर दिया जाएगा। इससे करीब 4 लाख शिक्षक कर्मचारी लाभान्वित होंगे.
राजस्थान शिक्षा विभाग ने किया बदलाव माइनस मार्किंग वाले नहीं बनेंगे शिक्षक. (प्रतीकात्मक चित्र)

मंत्रीपरिषद की बैठक में शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. इसमें 50 वर्षो बाद राजस्थान शैक्षिक सेवा नियमों में बदलाव किया गया है. राजस्थान शिक्षा सेवा नियम 1970 एवं राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम 1971 को अब एक कर दिया गया है. नए प्रावधानों के अनुसार माइनस अंक वाले अब शिक्षक नहीं बन सकेंगे. वहीं डीईओ पर सीधी भर्ती का प्रावधान को हटाकर पदोन्नति से पदो को भरने का प्रावधान किया है.

माध्यमिक स्कूलों से हैडमास्टर का पद समाप्त होगा और सभी हैडमास्टरों को प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नत कर दिया जाएगा. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सेवा नियमों में बदलाव की जानकारी देते हुए कहा कि इससे करीब 4 लाख शिक्षक कर्मचारी लाभान्वित होंगे.

सरकारी नौकरी की परीक्षा में आया बड़ा बदलाव, अब ऐसे होंगे एग्जाम, जानें डिटेल्स

यह हुए है प्रमुख बदलाव

-प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के अनुपात 80:20 को एकबारगी करते हुए दोनों कॉडर की समस्याओं का निवारण किया गया है.

-प्रधानाध्यापक के वर्तमान में स्वीकृत लगभग 3600 पदों को समाप्त कर प्रधानाचार्य के पद पर अपग्रेड किया जाएगा.

-अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक के पदों पर पदोन्नति हेतु निचले पद के एक वर्ष के अनुभव के साथ कुल 4 वर्ष के अनुभव का प्रावधान किया गया हैं.

-जिला शिक्षा अधिकारी के पदों को 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाने का प्रावधान को समाप्त कर दिया गया हैं. अब यह पद शत प्रतिशत पदोन्नति द्वारा भरे जाएगे.

-6 डी से तृतीय श्रेणी अध्यापको के सैटअप परिवर्तन हेतु 3 वर्ष की सेवा की शर्त का विलोपन किया गया हैं.

-प्रतियोगी परीक्षाओं से चयन हेतु न्यूनतम 40 फीसदी अंक या नियमानुसार छूट का प्रावधान किया गया हैं.

-प्रधानाध्यापक पद की योग्यता को स्नातक से बढाकर अधिस्नातक कर दिया गया हैं.

-व्याख्याता की सीधी भर्ती व पदोन्नति हेतु अब स्नातक के साथ अधिस्नातक भी उसी विषय में करना आवश्यक होगा.(वर्तमान में अधिस्नातक ही आवश्यक हैं.)

-व्याख्याता शारीरिक शिक्षा के पद को एनकैडर किया गया हैं.

-पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड प्रथम का पद एनकैडर किया गया हैं.

-पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती एवं पदोन्नति पर लगी रोक को हटा दिया गया हैं.

-शारीरिक शिक्षक ग्रेड तृतीय, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड द्वितीय एवं तृतीय की योग्यता एनसीटीई के अनुसार संशोधित की गई हैं.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें