राजस्थान: पर्यावरण मंत्रालय ने दिखाई वैध बजरी खनन को हरी झंडी, सस्ते होंगे दाम

Swati Gautam, Last updated: Sun, 13th Feb 2022, 8:06 PM IST
  • पर्यावरण मंत्रालय की ओर से राजस्थान में नदियों से वैध बजरी खनन के लिए 60 खनन क्षेत्रों के लिए स्वीकृति मिल गई है. इससे राज्य में बजरी समस्या का समाधान होगा और बजरी सस्ती भी हो जायेगी.
राजस्थान में पर्यावरण मंत्रालय ने दिखाई वैध बजरी खनन को हरी झंडी (फाइल फोटो)

जयपुर. राजस्थान में काफी समय से हो रही बजरी की समस्या का समाधान हो गया है. बता दें कि पर्यावरण मंत्रालय की ओर से राज्य में नदियों से वैध बजरी खनन के लिए 60 खनन क्षेत्रों के लिए स्वीकृति मिल गई है. अब बस इन क्षेत्रों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरे होने के बाद प्रदेश में लगभग सभी क्षेत्रों में बजरी का वैध खनन शुरू हो जाएगा. कहा जा रहा है कि इसके बाद बजरी सस्ती भी हो जायेगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब समूचे प्रदेश में नदियों से बजरी के वैध खनन की राह प्रशस्त हो गई है.

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में राजस्थान में लगभग 70 मिलियन टर्न बजरी की मांग है. लेकिन अभी तक वैध बजरी खनन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण बजरी की मांग भी पूरी नहीं हो पाती थी. मांग अधिक और बजरी काम होने के कारण बजरी के दाम भी अधिक होते थे. लेकिन अब इन 60 खनन क्षेत्रों के लिए लीज जारी होते ही प्रदेश में बजरी की समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा. बजरी सस्ती भी हो जायेगी.

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एसीएस डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि एक मोटे अनुमान के अनुसार राज्य सरकार को भी 600 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार एक्सपर्ट एप्रेजल कमेटी द्वारा रिकमंडडेड सभी 60 प्रकरणों में अनुमति जारी हो गई है. इसके अलावा निदेशक माइंस केबी पण्डया ने कहा कि विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की तैयारियां शुरु कर दी गई है. जल्द ही प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्रों में बजरी का वैध खनन शुरू हो जाएगा.

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