RPN सिंह के बाद चर्चा में सचिन, कांग्रेस छोड़ने पर क्या बोले राजस्थान के पायलट?

Jayesh Jetawat, Last updated: Thu, 27th Jan 2022, 10:49 PM IST
  • यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह के बीजेपी में शामिल होने के बाद राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट चर्चा में आ गए हैं. हालांकि पायलट ने कांग्रेस छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है.
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (फोटो- ट्विटर)

जयपुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री और यूपी के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने के बाद सचिन पायलट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आरपीएन सिंह के बाद अब राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि खुद पायलट ने इन अफवाहों को विराम लगाया है. पायलट ने कहा कि वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं.

सचिन पायलट को कांग्रेस ने यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए स्टार प्रचारक बनाया है. गुरुवार को वे गाजियाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में घर-घर वोट मांगने पहुंचे. इस दौरान पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जो लोग मुझसे बार-बार कांग्रेस छोड़ने का सवाल पूछते हैं, वे नहीं जानते कि मैं कैसा आदमी हूं. मैं कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहा.

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आरपीएन सिंह के बीजेपी में शामिल होने पर पायलट ने कहा कि ये उनका व्यक्तिगत निर्णय है. कोई नेता अपने फायदे के लिए पार्टी छोड़कर जाए, तो उसमें हम क्या कर सकते हैं. कांग्रेस पुरानी पार्टी है और इसमें कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान मिलता है. पहले भी नेता आए और गए. किसी के जाने से कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बता दें कि सचिन पायलट और आरपीएन सिंह राहुल गांधी के करीबी नेताओं में से माने जाते हैं. उनके साथी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया और जितिन प्रसाद पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं. राहुल के करीबियों में अब सिर्फ सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा ही कांग्रेस में बचे हैं.

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पायलट कर चुके हैं बगावत

सचिन पायलट कांग्रेस में रहकर बगावत कर चुके हैं. करीब डेढ़ साल पहले पायलट ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बागी रुख अपनाया था. वे कई विधायकों के साथ गुरुग्राम के मानेसर स्थित एक रिसोर्ट में चले गए. उनके बीजेपी में भी जाने के कयास लगाए जा रहे थे. फिर कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मनाया और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए एक कमिटी का गठन किया. इसके बाद पायलट के बागी तेवर नर्म पड़े. 

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