मनसा की पहाड़ियों में पैंथर का बढ़ गया परिवार, जयपुर से रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा

Sumit Rajak, Last updated: Mon, 31st Jan 2022, 1:44 PM IST
  • राजस्थान के झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी इलाके के मनसा की पहाड़ियों में पैंथर का परिवार बढ़ गया है. जयपुर के जगतपुरा इलाके से वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पैंथर को पकड़ा था. वहीं अब उसे गुढ़ागौड़जी स्थित भोजगढ-पौंख इलाके के जंगलों में छोड़ा गया है. रविवार देर रात को जयपुर से आई टीम अपने साथ पैंथर लेकर आई. जिसे झुंझुनूं वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में छोड़ा गया है.
फाइल फोटो

जयपुर. राजस्थान के झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी इलाके के मनसा की पहाड़ियों में अब पैंथर का कुनबा बढ़ गया है. जयपुर के जगतपुरा इलाके से  वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर पैंथर को पकड़ा था. वहीं अब उसे गुढ़ागौड़जी स्थित भोजगढ-पौंख इलाके के जंगलों में छोड़ा गया है. रविवार देर रात को जयपुर से आई टीम अपने साथ पैंथर लेकर आई. जिसे झुंझुनूं वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में छोड़ा गया है.

डीएफओ राजेंद्र कुमार हुड्डा ने कहा कि इस पैंथर को छोड़े जाने के बाद अब मनसा की पहाड़ी इलाके में पैंथरों की संख्या नौ हो गई है. पहाड़ी क्षेत्र को वाइल्ड लाइफ टुरिज्म के लिहाज से डवलप किया जा रहा है. इससे आने वाले समय में लोग यहां आकर वाइल्ड लाइफ एंजॉय कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 79 लाख रूपए मिले है. जिसमें वे कदम कुंड और भोजगढ़ में दो चौकियां और ट्यूबवैल सहित कई निर्माण कार्य करवा रहे हैं. इससे पहले पिछले साल नवंबर में भरतपुर जिले के डाबक सीकरी गांव से रेस्क्यू किए गए पैंथर को भी मनसा माता की पहाड़ियों में छोड़ा दिया गया था. वहीं इससे पहले भी यहां पर सरिस्का अलवर, सीकर के अजीतगढ़ और हनुमानगढ़ जिले से रेस्क्यू कर पैंथरों को छोड़ा गया है. साथ ही मनसा माता कंजर्वेशन रिजर्व को लेपर्ड कंजर्वेशन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है.

जयपुर की कैमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, तीन बच्चों समेत चार जिंदा जले

डीएफओ राजेंद्र कुमार हुड्डा ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली मुश्किल होता है. इसलिए जो ट्यूबवैल स्थापित किए जा रहे है. वो सोलर से चलेंगे. गार्ड चौकियां भी सोलर से जोड़ी जा रही है. जिससे जो कर्मचारी चौकियों में रहे. उन्हें बिजली के लिए परेशानी ना हो. बता दें कि पूरे क्षेत्र में पांच से छह चौकियां स्थापित करने की योजना है. वही खोह, पौंख, घाट में चौकी स्थापित की जा चुकी है. इसके अलावा कदम कुंड और भोजगढ़ में भी चौकी स्थापित होगी.

बता दें कि मनसा की पहाड़ियों में जो नौंवां पैंथर छोड़ा गया है. वो जयपुर से लाया गया है. दरअसल राजधानी जयपुर के जगतपुरा के एनआरआई कॉलोनी राज आंगन में पैंथर का मूवमेंट देखा गया था. सूचना पर वन विभाग के रेंजर जनेश्वर सिंह चौधरी, वन्य जीव चिकित्सक डॉ. अशोक तंवर, जयपुर जू रेस्क्यू टीम और रक्षा संस्थान के वॉलिंटियर्स की मदद से पैंथर को कई घंटों की मशक्कत के बाद ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया. इसके बाद जयपुर जू ले गया. इलाज के बाद पैंथर को मनसा की पहाड़ियों छोड़ा गया.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें