लक्ष्मी विलास भ्रष्टाचार आरोपी अरुण शौरी को HC से राहत, गिरफ्तारी वारंट पर रोक

Smart News Team, Last updated: 24/09/2020 07:26 AM IST
राजस्थान हाइकोर्ट ने लक्ष्मी विलास मामले में पूर्व केंद्रीय विनिवेश मंत्री अरुण शौरी के खिलाफ सीबीआई द्वारा जारी गिरफ्तारी के वारंट पर रोक लगा दी गई है. अरुण शौरी पर कथित तौर से भ्रष्टाचार मामला सामने आया हो. 
लक्ष्मी विलास होटल भ्रष्टाचार आरोपी अरुण शौरी को हाईकोर्ट से राहत, वारंट पर रोक

जयपुर. राजस्थान हाइकोर्ट ने उदयपुर के लक्ष्मी विलास होटल की 2002 में बिक्री में कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल पूर्व केंद्रीय विनिवेश मंत्री अरुण शौरी और उन्हीं के साथ एक अन्य व्यक्ति के खिला सीबीआई द्वारा वारंट जारी किए जाने के बाद बुधवार को रोक लगा दी गई. मंगलवार को हाइकोर्ट ने इसी मामले में तीन लोगों को गिरफ्तारी से राहत दी थी.

राजस्थान हाइकोर्ट का फैसला अरुण शौरी और कांतिलाल विकमसी की याचिकाओं के पक्ष में आया है. कांतिलाल फर्म कांति एंड कंपनी के प्रमुख थे. हाइकोर्ट की जस्टिस दिनेश मेहता की सिंगल बैंच में सुनवाई के समय शौरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि उनकी उम्र, पत्नी-बच्चे और बीमारियों के कारण उनका कोर्ट में पेश होना मुश्किल होगा. 

जस्टिस मेहता ने इस बात पर याचिकाकर्ता को उम्र और पारिवारिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए 15 अक्टूबर तक किसी भी समय जमानत राशि अदा करने समेत उपस्थित होने की छूट दी गई है. 

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अरुण शौरी की तरफ से पेश हुए वकील प्रदीप शाह और प्रशांत भूषण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंह के दौरान कहा कि ना ऐसी स्थिति है कि कोर्ट में इस दौरान पेश हुआ जाए और ना ही जरुरत है कि आरोपियों की गिरफ्तार का वारंट तलब किया जाए. 

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लक्ष्मी विलास होटल भारत के पर्यटन विकास निगम को एक निजी कंपनी को बेचने का मामला सामना आया था. तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार में अरुण शौरी के विनिवेश मंत्री रहते हुए उन्होनें लक्ष्मी विलास होटल को निजी कंपनी को बेच दिया था जिसके बाद सीबीआई की टीम को मामला सुलझा हुआ मिला है. 

 

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