राजस्थान गृह विभाग ने एसीबी अधिकारी को फर्जी ट्रैप मामले की चार्जशीट सौंपी

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Jul 2021, 2:05 PM IST
  • अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक नरेंद्र चौधरी ने 21 जून 2019 को रिश्वत लेने के आरोप में रातानाड़ा थाने के तत्कालीन थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद भूपेंद्र सिंह ने एसीबी के उच्चाधिकारियों को पूरी हक्कीत से अवगत करवाया.
अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक नरेंद्र चौधरी ने 21 जून 2019 को रिश्वत लेने के आरोप में रातानाड़ा थाने के तत्कालीन थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान में एसीबी अधिकारी द्वारा फर्जी ट्रैप का मामला सामने आया है. प्रदेश के एसीबी अधिकारी ने गलत तथ्यों के आधार पर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया जिसके बाद गृह विभाग ने अधिकारी को चार्जशीट सौंप दी है. अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक नरेंद्र चौधरी ने गलत तथ्यों के आधार पर 21 जून 2019 को रातानाड़ा थाना के तत्कालीन थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. 

चार्जशीट में जांच अधिकारी पर आरोप है कि सत्यापन से लेकर ट्रैप की पूरी कार्रवाई में तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए पुलिस निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि फर्जी तरीके से ट्रैप हुए थानाधिकारी को एसीबी ने ही क्लीन चिट दी है.

राजस्थान में 500 फर्जी स्कूलों का हुआ खुलासा, 8 शिक्षा अधिकारियों को मिला नोटिस

दरअसल यह पूरा ममाला साल 2019 का है जब एसीबी की जोधपुर चौकी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र चौधरी तैनात थे. उन्होंने एक कार्रवाई के दौरान रातानाड़ा थाना के तत्कालीन थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. इतना ही नहीं एसीबी ने थानाधिकारी को छह दिन के रिमांड पर रखकर उनसे पूछताछ की. बाद में थानाधिकारी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. 

By-Election 2021: राजस्थान के 9 जिलों के 16 निकायों में 26 जुलाई को उपचुनाव

जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद भूपेंद्र सिंह ने एसीबी के उच्चाधिकारियों को पूरी हकीकत से अवगत करवाया. मामले में थानाधिकारी द्वारा सच्चाई सामने लाने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक भोपाल सिंह ने पूरी घटना की फिर से जांच की. जांच में साक्ष्य के अभाव में कार्रवाई का मामला सामने आया. फिर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह ने जांच को झूठा मानते हुए एफआर पेश किया. फिर से इस मामले की जांच की गई और खुद एसीबी ने थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह को क्लीन चिट दे दी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें