Rajasthan में पुरानी पेंशन योजना का फैसला लोकसभा चुनाव 2024 में BJP पर पड़ेगा भारी?

Naveen Kumar, Last updated: Thu, 3rd Mar 2022, 4:05 PM IST
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर राज्य के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया था. राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बाद अब उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी इसे लेकर मांग उठने लगी हैं.
फाइल फोटो

जयपुर. राजस्थान की गहलोत सरकार का पुरानी पेंशन बहाल करने का फैसला मोदी सरकार के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. राजस्थान के अलावा अब उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग उठने लगी हैं. साथ ही, केंद्रीय कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की आस भी एक बार फिर बढ़ गई है. कयास लगाये जा रहे हैं कि गहलोत सरकार के प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम फिर से लागू करने के बाद अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में भी इसे लागू किया जाना लगभग तय माना जा रहा है. ऐसे में अब भाजपा शासित राज्यों के कर्मचारियों की मांग तेज हो सकती है. खासकर 2024 के आम चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है. ऐसे में गहलोत सरकार का ये फैसला मोदी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.

बता दें कि यूपी चुनाव के चौथे चरण के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट 2022 23 की घोषणा में पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर राज्य के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया था. राजस्थान के कर्मचारी काफी सालों से पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग कर रहे थे. गहलोत सरकार के इस फैसले की अन्य राज्यों में भी चर्चा है. जहां यूपी में सरकारी भर्तियां कम होने के आरोपों से घिरी भाजपा सरकार इस मुद्दे को लेकर भी घिर सकती है. इसका असर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है. बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव यूपी में पुरानी पेंशन बहाल करने का वादा कर चुके हैं. अखिलेश लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं.

राजस्थान: कर्मचारियों को जल्द मिलेगा पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ, समझें पूरी गणित

रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में करीब 13 लाख कर्मचारी हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन की उम्मीद लिए बैठे हैं. ऐसे में बड़ा वर्ग सपा की तरफ रूख कर सकता है. वहीं, यूपी में पिछले दो वर्ष में शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे युवाओं को भी योगी सरकार संतुष्ट नहीं कर पा रही है. ना ही योगी सरकार की ओर से पुरानी पेंशन बहाल करने पर इतनी दिलचस्पी दिखाई गई. ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि मोदी सरकार के लिए यह सिरदर्द साबित हो सकता है. ऐसे में मोदी सरकार को इसकी काट निकालनी होगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें