राजस्थान: बूंदी के रामगढ़ विषधारी को मिली चौथे टाइगर रिजर्व के तौर पर मंजूरी

Smart News Team, Last updated: Tue, 6th Jul 2021, 8:24 AM IST
  • राजस्थान के बूंदी के रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण्य में अब बाघ खुलकर दहाड़ेगें. क्योंकि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने रामगढ़ विषधारी को राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में मंजूरी दे दी है. बता दें बरसों से इसे टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने की मांग की जा रही थी.
रामगढ़ विषधारी को राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में मंजूरी मिली है

जयपुर. राजस्थान के बूंदी जिले में रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभयारण्य को चौथे टाइगर रिजर्व के तौर पर मंजूरी दे दी है. अब राजस्थान में सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व, कोटा में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के बाद यह राज्य का चौथा टाइगर रिजर्व बन गया है. बरसों से इसे टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने की मांग की जा रही थी. इस बात की जानकारी केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी दी है.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करते हुए लिखा- एक और बाघ अभयारण्य, रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को मंजूरी देते हुए खुशी हो रही है, जो पूर्वोत्तर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व और दक्षिणी तरफ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को जोड़ेगा. बाघों और शिकारियों की बढ़ती संख्या हमारी मजबूत जैव विविधता को प्रमाणित करती है.

इस मामले को लेकर एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा कि एनटीसीए की तकनीकी समिति ने 1,071 वर्ग किलोमीटर में फैले रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को बाघ अभयारण्य में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके आगे उन्होंने कहा कि राज्य जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगा. अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तावित बाघ अभयारण्य में 302 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को बड़ी बिल्लियों के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में छोड़ दिया जाएगा और शेष क्षेत्र बफर जोन होगा.

वहीं एक दूसरे वन अधिकारी ने कहा कि एनटीसीए से अब बूंदी अभयारण्य की समीक्षा के लिए एक समिति भेजने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बड़ी बिल्लियों की आबादी बढ़ रही है और उन्हें और जगह की जरूरत है. बूंदी अभयारण्य, जो पहले बाघों का प्राकृतिक आवास था, को उन्नत करके इस कमी को हल किया जाएगा. राजस्थान सरकार ने पिछले साल पहली बार रणथंभौर बाघों को दूसरा आवास प्रदान करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बूंदी अभयारण्य को बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा की थी।

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अधिकारी ने बताया कि वन मंत्रालय द्वारा मंजूर किए गए इस टाइगर रिजर्व को बाघों के प्रजनन स्थल के रूप में जाना जाता है. 1985 की जनगणना के अनुसार यहां पर नौ बाघ थे. साल 2013 के बाद तीन बिल्लियां रणथंभौर से रामगढ़ की ओर भटक गई हैं जिससे साफ पता लग रहा है कि बाघ वहां स्वाभाविक रूप से पलायन कर रहे हैं.

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