भारी हंगामे के बीच राजस्थान में बाल विवाह रजिस्ट्रेशन विधेयक पास, विपक्ष ने बताया काला कानून

Somya Sri, Last updated: Sat, 18th Sep 2021, 11:23 AM IST
  • राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन विधेयक 2021 राजस्थान विधानसभा में ध्वनिमत पारित हो गया. इस बिल में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन की बात भी कही गयी है. बिल के मुताबिक माता पिता को 30 दिन पहले बाल विवाह रजिस्ट्रेशन की सूचना देनी होगी.
बाल विवाह (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में जबरदस्त हंगामे के बीच राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन विधेयक 2021 शुक्रवार को ध्वनिमत पारित हो गया. इस बिल में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन की बात भी कही गयी है. बिल के मुताबिक माता पिता को 30 दिन पहले बाल विवाह रजिस्ट्रेशन की सूचना देनी होगी. वहीं विवाहों का पंजीकरण कानून 2009 के अनुसार केवल जिलाधिकारी ही शादी का पंजीयन कर सकता था. लेकिन इस बिल के पारित हो जाने के बाद अब अतिरिक्त जिलाधिकारी और ब्लॉक अधिकारी भी शादी का पंजीयन कर सकते हैं.

बता दें कि शुक्रवार को बाल विवाह के पंजीकरण मामले पर विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ. भारतीय जनता पार्टी ने इस कानून को काला कानून करार दिया और विधानसभा से वॉकआउट कर गए. बिल पर चर्चा के दौरान भाजवा विधायक अशोक लाहोटी ने कहा कि," अगर यह बिल पास हो जाता है तो यह विधानसभा के लिए काला दिन होगा. क्या विधानसभा हमें सर्वसम्मति से बाल विवाह की अनुमति देती है? हाथ दिखाकर हम बाल विवाह की अनुमति देंगे. विधानसभा के इतिहास में यह विधेयक काला अध्याय लिखेगा."

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हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि," इसके लाने से शादी की निर्धारित आयु से कम की शादी का पंजीयन होने का मतलब यह नहीं हैं कि वह शादी वैध हैं. भले ही पंजीयन हो गया हो लेकिन नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है." उन्होंने कहा कि, "निर्धारित आयु से कम का पंजीयन अनिवार्य उच्चतम न्यायालय के आदेशों की पालना के तहत किया गया." उन्होंने कहा कि, " वर्ष 2006 में न्यायालय के एक निर्णय में सभी प्रकार के विवाहों का पंजीयन अनिवार्य होगा."

इस पर हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने अनुरोध किया कि, " इसमें यह जोड़ दिया जाये कि इस तरह का पंजीयन की शादी मान्य नहीं होगी." कटारिया ने कहा कि," कानून बनाने से पहले इस पर गहराई से सोचना चाहिए. यह विधेयक कम उम्र के बच्चों की शादी के लिए प्रेरित कर रहा है. इसमें प्रावधान दिया गया हैं कि 30 दिन में सूचना देकर शादी का पंजीयन हो जायेगा." उन्होंने कहा कि, " क्या सदन इस बात के लिए सहमत है, यह कानून गलत है और यह चाइल्ड मैरिज एक्ट की अवहेलना कर रहा है जो एक बड़ी भूल होगी."

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