सांप ने पति-बेटे को डस कर मार डाला तो पत्नी ने सामने रख दिया सिंदूर और फिर...

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 04:31 PM IST
  • राजस्थान में अंधविश्वास का एक ऐसा मामला सामने आया है जहां सांप के काटने से बाप-बेटे की मौत हो गई. परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की बजाय उनको तांत्रिक के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए.
राजस्थान के धौलपुर में एक सांप के काटने से बाप बेटे की मौत हो गई.

जयपुर. देश में कोरोना ही नहीं बल्कि ऐसे कुछ वायरस भी है जिनका आज तक सफल इलाज नहीं हो पाया है वो है 'अंधविश्वास'. मंगलवार को राजस्थान के धौलपुर में एक ऐसा ही मामला सामने आया. दरअसल, शहर से सटे दरियापुर की गौरव कॉलोनी में रहने वाले महेश और उसके बेटे विनीत को रविवार सुबह एक सांप ने काट लिया. लेकिन परिजन उन दोनों को अस्पताल में ले जाने के बजाय उन्हें इलाज के लिए भोपा और तांत्रिक के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए. इससे दोनों बाप बेटे की सही इलाज ना मिलने के कारण मौत हो गई.

जानकारी के अनुसार जब परिजन मृतकों के शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर गए तो कुछ लोगों ने कहा कि चित्तोरा गांव में एक तांत्रिक है जो इन दोनों को जिंदा कर सकता है. उनके अंधविश्वास में आकर परिजनों ने चिता पर रखे गए बाप- बेटे के शव को निकाल लिया. इसके बाद वहां झाड़-फूंक का खेल शुरू हो गया.

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ग्रामीणों के कहने पर एक सपेरे ने उस सांप को पकड़ लिया जिसने उन बाप- बेटे को काटा था. अंधविश्वास की ज़द में आकर मृतक की पत्नी श्मशान में पकड़े गए सांप के सामने सिंदूर और सुहाग का सामान रखकर अपने पति और बेटे की जिंदगी वापस मांगने लगी. इस दौरान सांप ने जैसे ही उस सामग्री को सूँघा तो वहां मौजूद ग्रामीणों को लगा कि अब सांप मान गया है और वह उन दोनों बाप- बेटे की जान बख्श देगा.

इसके बाद लोग सांप को पकड़कर चिता पर ले गए. सांप को चिता पर छोड़कर यह उम्मीद करने लगे कि वह दोनों बाप-बेटे का जहर वापस चूस लेगा. लेकिन सांप वहां से जाने लगा. इसके बाद गुस्साए लोगों ने सांप को वहीं मार दिया. इसी बीच पुलिस को मामले की जानकारी लगी तो वह मौके पर पहुंची. लेकिन तमाशबीनों की वहाँ इतनी भीड़ जमा थी कि पुलिस ने कोई कार्रवाई ही नहीं की.

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इसके बाद एडिशनल एसपी बचन सिंह मीणा मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई. पुलिस मृतकों के शव को चिता से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी. लेकिन वहां मौजूद लोगों ने दोनों के शव को नहीं ले जाने दिया. उसके बाद दोपहर के लगभग 3 बजे सदर थाना पुलिस दरियापुर पहुँची और उन्होंने ग्रामीणों को वहां से खदेड़ा. इसके बाद पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

घटना के संबंध में जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल का कहना है कि पुलिस को झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक और भोपा को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा अंधविश्वास के कारण इस तरह के कृत्य दोबारा ना हो इसके लिए दोषियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे. साथ ही लोगों में अंधविश्वास दूर करने के लिए गांव में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोग सांप काटने पर रोगी को सीधे अस्पताल लेकर जाए.

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