जयपुर: कोरोना संक्रमण का खतरा, लेकिन जरुरी दवाइयों का एसएमएस अस्पताल में ही टोटा

Smart News Team, Last updated: Tue, 18th May 2021, 3:01 PM IST
  • जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में राज्यभर से मरीज आते हैं. यहां कोरोना के करीब 850 मरीज भर्ती हैं. लेकिन उन्हें इनोक्सापेरिन इंजेक्शन ही नहीं मिल रहा है.
प्रतिकात्मक तस्वीर 

जयपुर. जयपुर में कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है.लेकिन,इसके उपचार में काम आने वाली जरूरी दवाइयां ही सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में नहीं है. बड़ी बात यह है कि जो जिम्मेदार हैं, उन्हें इस बात की कोई जानकारी ही नहीं है. ऐसे में मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

 

दरअसल, सवाई मानसिंह अस्पताल में इन दिनों खून पतला करने वाला इनोक्सापेरिन इंजेक्शन स्टॉक में नहीं है. इससे मरीजों को नि:शुल्क दवा योजना के काउंटर से निराश होकर लौटना पड़ रहा है. ऐसे में मजबूरन उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से खरीद कर लाना पड़ रहा है. जहां उनसे 600 से 700 रुपए वसूल किए जा रहे हैं. पांच-छह दिन से सवाई मानसिंह अस्पताल में इसका टोटा हो रहा है. यहां वर्तमान में करीब 850 कोविड संक्रमित मरीज भर्ती है. चिकित्सकों ने बताया कि इनोक्सापेरिन इंजेक्शन कोविड संक्रमित मरीजों के निमोनिया होने पर खून का थक्का जमने पर लगाया जाता है. यह काफी अहम इंजेक्शन है, इसलिए मरीजों को लगाया जाता है. नागौर से मरीज को एसएमएस अस्पताल लेकर आए परिजनों ने बताया कि दो दिन से उनके मरीज को इनोक्सापेरिन इंजेक्शन लग रहा है. नि:शुल्क दवा योजना काउंटर पर चक्कर लगाने के बाद मजबूरन किसी निजी मेडिकल स्टोर से यह लाना पड़ रहा है.

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वहीं, एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजेश शर्मा ने बताया कि इनोक्सापेरिन इंजेक्शन की अनुपलब्धता की जानकारी उन्हें नहीं है. साथ ही उन्होंने इसका पता करवाने की बात कही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह हर कोविड मरीज के यह इनोक्सापेरिन इन्जेक्शन नहीं लगता है. जरूरत के हिसाब से ही मरीजों को लगाया जाता है.

बता दे कि राजस्थान में आरयूएचएस अस्पताल के बाद सबसे ज्यादा मरीज सवाई मानसिंह अस्पताल में हैं. जिन मरीजों को आरयूएचएस में बेड नहीं मिलता है तो उनकी उम्मीद एसएमएस अस्पताल पर टिकी होती है. ऐसे में सरकारी अस्पताल में जरूरी दवाइयां नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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