सिब्बल को मीडिया में कांग्रेस के आंतरिक मुद्दे उछालने की आवश्यकता नहीं थी :गहलोत

Smart News Team, Last updated: Tue, 17th Nov 2020, 4:58 PM IST
  • गहलोत ने कहा- कांग्रेस ने वर्ष 1969, 1977, 1989 और 1996 में ऐसे विभिन्न संकटों को देखा हैं. हर बार हम अपनी विचारधारा, कार्यक्रम, नीतियों और पार्टी नेतृत्व में दृढ विश्वास के कारण मजबूत हुए हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर. बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस में आंतरिक कलह नजर आ रही है. दरअसल, महागठबंधन की हार के पीछे का मुख्य कारण कांग्रेस को माना जा रहा है. कांग्रेस पार्टी ने बिहार में केवल 18 सीटों पर जीत हासिल की. ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार ही नहीं, बल्कि देश में जहां-जहां भी चुनाव और उपचुनाव हुए हैं, वहां लोग कांग्रेस को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं. यह एक निष्कर्ष है. आखिरकार, बिहार में विकल्प आरजेडी ही थी.

सिब्बल के इस बयान को लेकर कई कांग्रेस नेताओं ने सफाई दी तो कुछ ने उन पर पलटवार किया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सिब्बल को मीडिया में पार्टी के आंतरिक मुद्दे का उल्लेख करने की कोई आवश्यकता नहीं थी. इससे देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 1969, 1977, 1989 और 1996 में ऐसे विभिन्न संकटों को देखा हैं. हर बार हम अपनी विचारधारा, कार्यक्रम, नीतियों और पार्टी नेतृत्व में दृढ विश्वास के कारण मजबूत हुए हैं. गहलोत ने कहा कि हमने प्रत्येक संकट में सुधार किया है.

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सीएम गहलोत ने कहा कि वर्ष 2004 में सोनिया गांधी के कुशल नेतृत्व में यूपीए सरकार बनाई गई. जो कमियां रहीं, उन्हें हम इस बार दूर करेंगे. गहलोत ने कहा कि चुनावी हार के विभिन्न कारण हैं. हर बार कांग्रेस पार्टी ने नेतृत्व में अविभाजित और दृढ़ विश्वास दिखाया है और यही कारण है कि हम हर संकट के बाद इससे मजबूत और एकजुट हुए हैं. आज भी कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो इस देश को एकजुट रख सकती है.

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