भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीएम को लिखा पत्र, आमेर के हाथी गाँव की समस्या उठाई

Smart News Team, Last updated: Fri, 21st May 2021, 9:05 AM IST
  • जयपुर जिले में स्थित आमेर में बसे हाथी गांव में फिलहाल 87 हाथी और महावत परिवार निवास करते है. लॉकडाउन के कारण ये महावत परिवार आर्थिक समस्या से जुझ रहे है. बता दें एक हाथी पर औसतन करीब 3 हजार रुपए प्रतिदिन खर्च होता है.
कोरोना महामारी से हाथी पालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है .

जयपुर. कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रदेश में लागू की गई पाबंदियों के कारण आमेर महल में हाथी सवारी एवं हाथी गांव बंद होने के कारण हाथी पालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. हालात यह है कि महावतों को अपने परिवार और हाथियों का पेट पालने के लिए पैसों का जुगाड़ करना पड़ रहा है. बता दें आमेर स्थित हाथी गांव में अभी 87 हाथी है. हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया कि पिछ्ले साल हुए लॉकडाउन में राज्य सरकार ने हाथियों के लिए जो पैकेज दिया, उसमें भी अभी करीब 80 हजार रुपए प्रति हाथी बकाया है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द आर्थिक पैकेज स्वीकृत किया जाए ताकि हाथियों को अच्छी डाईट दी जा सके.

इधर, महावतों पर उत्पन्न आर्थिक संकट के संबंध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है. पत्र में कहा कि कोरोना वायरस से बचाव एवं रोकथाम के लिए लागू की गई पाबंदियों के कारण 17 अप्रेल से विश्व विख्यात आमेर महल एवं हाथी गांव में हाथी सवारी बंद की गई है. जिससे हाथी पालकों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है. हाथी के खान-पान, दवाइयों, रख-रखाव व हाथी पालकों के गुजर-बसर हेतु प्रति मादा हाथी पर प्रतिदिन तीन हजार रुपये का खर्चा आता है और लम्बे समय से बंद हाथी सवारी से हाथी पालकों की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय हो गई है. हाथी सवारी बंद होने से हाथी पालकों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है और इन हाथी पालकों को अपने परिवार को पालना मुश्किल हो रहा है.

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डॉ. पूनियां ने गहलोत से आग्रह किया कि जयपुर के हाथी पालकों एवं हाथियों के लिये आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए. जिससे इस वैश्विक महामारी कोरोना की वर्तमान परिस्थितियों में इन्हें राहत पहुंचाई जा सके. बता दें कि हाथी पालकों की समस्या को राज्य सरकार के समक्ष उठाने के संबंध में हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने डॉ. पूनियां को पत्र लिखा, जिसके बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हाथी पालकों की समस्या का समाधान करने का आग्रह किया है.

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