जयपुर: लेक्चरर सीधे नहीं बन सकेंगे प्रिंसिपल, हेडमास्टर की 3533 पोस्ट खत्म

Uttam Kumar, Last updated: Sat, 13th Nov 2021, 11:14 AM IST
  •  राजस्थान सरकार ने राजधानी जयपुर के 3533 सेंकडरी स्कूलों में हेडमास्टर की पोस्ट को खत्म करने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद पहले की तरह शिक्षक और लेक्चरर सीधी हेडमास्टर नहीं बन पाएंगे. सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान सेकेंड ग्रेड, थर्ड ग्रेड और लेक्चरर को होगा. 
राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत. फाइल फोटो

जयपुर. राजस्थान सरकार ने राजधानी जयपुर के 3533 सेंकडरी स्कूलों में हेडमास्टर की पोस्ट को खत्म करने का फैसला  किया है. साथ ही 11 हजार 353 सीनियर सेकेंडरी स्कूल लेक्चरर को वाइस प्रिंसिपल (Vice Principal)  बनने का फैसला किया है. सरकार के इस फैसले के विरोध में शिक्षक संघ नाराजगी जता रहे हैं. सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा सेकेंड ग्रेड, थर्ड ग्रेड और लैक्चरर प्रभावित होंगे. क्योंकि सरकार के इस फैसले के बाद थर्ड ग्रेड, सेकेंड  ग्रेड टीचर्स और लेक्चरर के शिक्षा विभाग में ऊंचे पदों पर पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है. 

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अनुसार 3533 सेकेंडरी स्कूलों में हेडमास्टर्स की पोस्ट को खत्म किया जाएगा. इन सभी स्कूलों में हेडमास्टर्स के कैडर को डाइंग कैडर घोषित किया जाएगा. इसके बाद इन सभी स्कूलों में अब नई पोस्ट बनाई जाएगी. वहीं जयपुर के 11 हजार 353 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में वाइस प्रिंसिपल(vice – principal) की पोस्ट बनाई जाएगी. साथ ही राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है कि बीएड के वैसे छात्र जिनका रिजल्ट रीट-2021 के परीक्षा परिणाम से पहले घोषित नहीं हो पेट है, उन्हें राजस्थान प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में टीचर्स भर्ती में शामिल होने का मौका दिया जाएगा. वैसे छात्रों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख तक एजुकेशनल और ट्रेनिंग योग्यता हासिल करने का मौका दिया जाएगा.  

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वहीं शुक्रवार को शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा की अध्यक्षता में सीएम निवास पर हुई समीक्षा बैठक में कहा कि शिक्षकों द्वारा लम्बे समय से प्रमोशन के अवसर बढ़ाने की मांग की जा रही थी. राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों लेक्चरर का प्रमोशन हो सकेगा. दरअसल,  राज्य सरकार के इस फैसले के बाद पहले की तरह शिक्षक और लेक्चरर सीधी भर्ती से हेडमास्टर बन जाते थे, अब वो हेडमास्टर नहीं बन पाएंगे. वहीं, इस फैसले में वाइस प्रिंसिपल या प्रिंसिपल के लिए सीधी भर्ती का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है.  

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राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण गोदारा के अनुसार राज्य सरकार के इस फैसले से शिक्षक लोग काफी गुस्से में है. राज्य सरकार ने उनके हेडमास्टर पद पर सीधी भर्ती का प्रोविजन ही खत्म कर दिया है. उनका कहना है कि राज्य सरकार को चाहिए कि वाइस प्रिंसिपल के 50 फीसदी सीटों पर सीधी भर्ती पर की जाए और बाकी के 50 फीसदी लेक्चरर से प्रमोशन दिया जाए. कृष्ण गोदारा के अनुसार हेड मास्टर की पोस्ट खत्म होने के बाद लेक्चरर को वाइस प्रिंसिपल बनया जाएगा. हालांकि वाइस प्रिंसिपल की भी ग्रेड पे हेडमास्टर के बराबर 5400 रुपए ही होगी. लेकिन इससे पहले 4800 ग्रेड पे वाला लेक्चरर प्रमोटे होकर सीधे 6600 ग्रेड पे के साथ प्रिंसिपल बनते थे. लेकिन अब उन्हें प्रिंसिपल बनने के लिए वाइस प्रिंसिपल पोस्ट पर इंतजार करना पड़ेगा.

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