जयपुर : कोरोना काल में राजस्थान में 14.21 फीसदी घटा अपराध, हत्या के मामले बढ़े

Smart News Team, Last updated: Tue, 12th Jan 2021, 6:11 PM IST
  • राजस्थान पुलिस विभाग की वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि वर्ष 2020 में दर्ज प्रकरणों में वर्ष 2019 की तुलना में 14.21 फीसदी की कमी आई है. वहीं हत्या के प्रकरण में 3.62 फीसदी और हत्या के प्रयास के मामले में 8.24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.  
पुलिस विभाग की वर्ष 2020 की रिपोर्ट के बारे में बताते डीजीपी लाठर

जयपुर. राजस्थान में कोरोना काल में अपराधों का ग्राफ कम हुआ है. साल 2020 में पिछले सालों के मुकाबले अपराधों में कमी आई है. यह जानकारी पुलिस विभाग की ओर से जारी 2020 की वार्षिक रिपोर्ट में हुआ है. पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर ने बताया कि वर्ष 2020 में भारतीय दंड सहिता के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में वर्ष 2019 की तुलना में 14.21 फीसदी की कमी आई है. सबसे अधिक कमी अपरहण के मामलों में आई है. 

प्रदेश में अपहरण के मामलों में 22.64 फीसदी की कमी दर्ज हुई है. अपराधों में कमी आने के बाद संबंधित आईजी और एसपी को इन पर समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में अपराधों में और कमी किया जा सके. वहीं हत्या के प्रकरण में 3.62 फीसदी और हत्या के प्रयास में 8.24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. साल 2020 में राजस्थान में अपराधों का ग्राफ ही नहीं गिरा बल्कि पुलिस विभाग ने लापरवाही बरतने व दर्ज मामलों की जांच को प्रभावित करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने में भी आगे रहा है. प्रदेश में जानबूझकर जांच में कमियां छोड़ने और अपराधियों से मिलिभगत करने वाले 36 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है. पांच पुलिसकर्मियों को सेवा पृथक और 8 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई. इनके अलावा पूरी क्षमता से कार्य नहीं करने और अनुशासनहीनता के मामले में 16 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति अलग से दी गई. 

कोरोना इफेक्ट : जयपुर में मकर संक्राति पर KITE FESTIVAL का आयोजन नहीं

वहीं 36 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के अलावा 26 को मेजर पेनाल्टी दी गई. लाठर ने बताया कि 2020 में आदतन अपराधियों पर निगरानी रखते हुए रिकॉर्ड के आधार पर 568 अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोली गई है. पिछले साल पुलिस ने प्रदेशभर में मादक पदार्थ और अवैध हथियार पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें