कोविड मरीजों पर असरदार 2डीजी दवा का उपयोग शुरू, SMS अस्पताल में लें सुविधा

Smart News Team, Last updated: Fri, 2nd Jul 2021, 4:32 PM IST
  • तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए इसस निपटने के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में आइसीयू के 590 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है.  इसके साथ ही तीन बड़े ऑक्सीजन टैंक का निर्माण भी शुरू किया गया है.
SMS अस्पताल में 2डीजी दवा का उपयोग शुरू.( सांकेतिक फोटो )

कोरोना के उपचार के दौरान दवा, जांच और अन्य प्रबंधन में आगे रहे राजस्थान को तीसरी लहर से निपटने में जीनोम सिक्वेंसिंग के बाद अब डीआरडीओ की दवा 2डीजी भी उपयोगी साबित होगी. एसएमएस मेडिकल कॉलेज में इस दवा का उपयोग कोरोना के कम लक्षण और कम गंभीर सहित मोरबिटी  के शिकार मरीेजों में शुरू कर दिया गया है. जल्द ही इसका उपयोग प्रदेश के सबसे बड़े कोविड डेडिकेटेड अस्पताल आरयूएचएस मेें भी किए जाने तैयारी शुरू कर दी गई.

इधर, जीनोम सिक्वेंसिंग भी कोरोना में बड़ी मददगार साबित होने जा रही है. इस सिक्वेंसिंग के जरिए वायरस के वेरिएंट की जांच महज 48 से 72 घंटे में ही मिल जाएगी. इससे तत्काल एहतियाती कदम उठाकर खतरे को जल्द से जल्द टाला जा सकेंगा. इससे पहले बार की प्रयोगशालाओं से एक-एक महीने तक रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता था. 

राजस्थान में 12वीं बोर्ड प्रैक्टिकल एग्जाम के नियम जारी, जानें डिटेल

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुधीर भंडारी का कहना है कि पिछले साल जब राजस्थान में कोरोना की एंट्री हुई थी उस समय आरटीपीसीआर जांच के नमूने भी पूना भेजने पड़ते थे, आज हम 10 हजार जांच एसएमएस मेडिकल कॉलेज में ही कर सकते हैं. इसके बाद राजस्थान ने हर पायदान पर इतिहास रचा है. अब संभावित तीसरी लहर के लिए हमने पूरी तैयारी कर ली है.

राजस्थान विवि प्रवेश परीक्षा की तारीखों में बदलाव, इस दिन तक दे सकेंगे आवेदन

तीसरे लहर से निपटने को 590 आइसीयू बेड बनाने की तैयारी

तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए इसस निपटने के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में आइसीयू के 590 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है. इनमें 500 बेड आरयूएचएस और एसएमएस में एवं 90 बेड जेकेलोन अस्पताल में बढ़ाए जा रहे हैं. इसके साथ ही तीन बडे तरल ऑक्सीजन टैंक का निर्माण भी शुरू किया गया है. इन तीनों टैंकों से 1500 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर जितनी ऑक्सीजन का उत्पादन आरयूएचएस, एसएमएस और जेके लोन में होगा.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें