बीसलपुर बांध से जलापूर्ति जितना पानी उड़ रहा भाप बनकर, बढ़ सकता जल संकट

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Apr 2021, 12:32 PM IST
  • बीसलपुर बांध का पीने योग्य पानी ऐसे ही भाप बनकर उड़ जा रहा है. आंकड़ों से पता चलता है जितना पानी पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है उतना पानी ही वाष्पीकरण के जरिए हवा में उड़ जाता है.
बीसलपुर बांध (फाइल फोटो)

जयपुर: राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक की लाफलाइन कहे जाने जाने वाले बीसलपुर बांध से जलापूर्ति जितना पानी तो धूप में भाप बनकर उड़ जाता है. बांध परियोजन से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार जलापूर्ति के लिए बांध से हर महीने लिए जा रहे पानी के आंकड़ों की लगाई जाए तो पता चलता है जितना पानी पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है उतना पानी ही वाष्पीकरण के जरिए हवा में उड़ जाता है.

बीसलपुर बांध का पीने योग्य पानी ऐसे ही भाप बनकर उड़ता रहा तो जयपुर, अजमेर और टोंक में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है. जबकि राज्य सरकार व जल संसाधन विभाग के सामने यह स्थति सालों से है इसके बावजूद अभी तक वाष्पीकरण रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस रणनीति तैयार नहीं की गई.

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सबसे अधिक जयपुर को मिलता है पानी

बीसलपुर बांध से जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर और टोंक को पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है. वहीं बांध में पानी की स्थति को देखते हुए टोंक में कृषि के लिए भी पानी सप्लाई किया जाता है. पेयजल के लिए सबसे अधिक पानी जयपुर शहर को मिलता है. परिजयोजना वृत जयपुर शहर के अधीक्षण अभियंता सुधांशु दीक्षित ने बताया कि जनवरी से अब तक जलापूर्ति में किसी प्रकार की कोई घटत बढ़त नहीं की गई हे. गर्मी के मौसम में पानी की मांग के अनुसार पानी की सप्लाई को बढ़ाया जाएगा. अभी बीसलपुर बांध से रोजाना करीब 440 एमएलडी लिया जा रहा है. इसमें से जयपुर शहर के लिए 290 से 300 एमएलडी, जयपुर ग्रामीण में 95 से 105 एमएलडी और टोंक में 48 से 50 एमएलडी के करीब पानी लिया जा रहा है.

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