बाघों के संरक्षण पर गहलोत सरकार ने बनाई रणनीति, जयपुर में बैठक सम्पन्न

Smart News Team, Last updated: 11/09/2020 08:31 AM IST
  • सरिस्का टाइगर रिजर्व को प्रमोट करने तथा बाघों के संरक्षण की रणनीति बनाई गई. चौथे टाइगर रिजर्व के तौर पर प्रोजेक्ट करके बाघ शिफ्ट किए जाने की भी बात रखी गई. मुख्यमंत्री ने शीघ्र समस्याओं के समाधान निकाल कर बाघ संरक्षण किए जाने पर जोर दिया
सरिस्का टाइगर रिज़र्व (फ़ाइल फ़ोटो)

जयपुर : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में राजस्थान स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की पहली बैठक संपन्न हुई. बैठक में सरिस्का टाइगर रिजर्व को प्रमोट करने तथा बाघों के संरक्षण की रणनीति बनाई गई. विलेज रीलोकेशन टूरिज्म प्रमोशन करने के मसलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

सदस्य सुनील मेहता, धीरेंद्र गोधा, मिनी संपत राम ने इस मसले पर मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण किया और पैरवी की कि सरिस्का को प्रमोट करके बाघ संरक्षण की दिशा में काम होना चाहिए. सुनील मेहता ने बाघ संरक्षण के साथ ही पूरे टूरिज्म सर्किल और गोल्डन रूट से जोड़कर प्रदेश के लिए फायदे उठाने की बात कही. संपत राम ने विलेज रीलोकेशन को समय सीमा में तय करने पर बल दिया. मेंबर धीरेंद्र गोधा ने कहा कि ज्यादातर बाघ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही यहां लाए गए हैं. अब जीन पूल सुधारने के लिए एमपी से बाघ लाने पर विचार किया जाना चाहिए.

साथ ही कुंभलगढ़ को चौथे टाइगर रिजर्व के तौर पर प्रोजेक्ट करके बाघ शिफ्ट किए जाने की भी बात रखी गई. मुख्यमंत्री ने सुझाव को गंभीरता से सुन कर विभाग को नसीहत भी दी है. कांग्रेस के कार्यकाल में ही ज्यादातर परिवारों को सहमति से जंगल से शिफ्ट किया गया है. शुरुआत में 975 परिवार शिफ्ट किए गए थे जिनमें 670 परिवार अब तक वहां से शिफ्ट करा दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने जानकारी हासिल की कि प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों चल रही है. उन्होंने शीघ्र समस्याओं के समाधान निकाल कर बाघ संरक्षण किए जाने पर जोर दिया.

सरिस्का टाइगर रिज़र्व राज्य के अलवर जिले में स्थित है जिसका वर्तमान क्षेत्रफल  866 वर्ग किमी है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें