जयपुर में अस्थी विसर्जन का भी 'लॉकडाउन', श्मशान घाट में फुल हुए अस्थि लॉकर

Smart News Team, Last updated: Sat, 15th May 2021, 8:56 AM IST
  • कोरोना के कारण अलग—अलग राज्यों ने लॉकडाउन लगा रखा है. राजस्थान भी लॉकडाउन की जद में हैं. परिवहन के साधन बंद हैं. इस स्थिति में लोग हरिद्वार जाकर अपने मृत परिजनों के अस्थि कलश विसर्जित नहीं कर पा रहे हैं.
प्रतिकात्मक तस्वीर 

जयपुर. कोरोना के कारण बहुत से लोग अपने मृत परिजनों को अंतिम विदाई नहीं दे पाए और अब वे लॉकडाउन के कारण उनकी ​अस्थियों को भी विसर्जित नहीं कर पा रहे हैं. दरअसल, राजस्थान में लॉकडाउन चल रहा है. ऐसे में सभी निजी व सरकारी परिवहन के साधन बंद है. साथ ही अन्य राज्यों ने भी तरह—तरह के प्रतिबंध उन राज्यों में प्रवेश करने वाले लोगों पर लगा रखे हैं. ऐसे में परिजन अस्थियां विसर्जित नहीं कर पा रहे हैं. हालात यह है कि अस्थियों के लिए श्मशान घाट में बनाए गए लॉकर फुल हो चुके है.

 

यदि समय रहते अस्थियों का विसर्जन नहीं हुआ तो आने वाले ​कुछ दिनों में अस्थियों को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन जाएगा. राजधानी के विभिन्न मोक्षधामों के हालात यह है कि एक के उपर दूसरी अस्थि कलश कोरखा गया है. मोक्षधाम की व्यवस्था संभाल रहे लोगों ने बताया कि पिछले एक महीने में बहुत ही कम लोग अपने परिजन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए लेकर गए हैं. लॉकडाउन लगने के बाद तो कोई भी व्यक्ति अस्थियों को लेने नहीं आया है.

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बता दें कि राजस्थान सरकार ने अस्थियों के विसर्जन के लिए मोक्ष कलश बस यात्रा फिर से शुरू की है. यह नि:शुल्क यात्रा होगी. इसमें आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद तय तिथि को परिजन अस्थियां लेकर रोडवेज बस से जा सकेंगे. हालांकि जयपुर या राजस्थान से हरिद्वार जाने वाली बसों को अन्य राज्यों से गुजरना पड़ता है. ऐसी स्थिति में उन राज्यों में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध होने के कारण बस शुरू नहीं की गई है. लोगों को इंतजार है कि बस शुरू हो तो वे अपनों की अस्थियां गंगा में विसर्जित करें. गौरतलब है कि पिछले लॉकडाउन के दौरान भी राजस्थान सरकार ने यह बस सुविधा शुरू की थी.

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