जयपुर में इलाज को खत्म हुए पैसे तो सोशल मीडिया बना मददगार , जुटाए 4 लाख रूपये

Smart News Team, Last updated: Mon, 10th May 2021, 11:02 AM IST
  • इस कोरोना काल में सकारात्मक चीज़े भी देखने को मिल रही हैं . कोरोना महामारी के दौरान सोशल मीडिया काफी अहम भूमिका निभा रहा है. इससे लोगों की मदद की जा रही है . जयपुर में भी सोशल मीडिया ने एक मरीज के परिजनों को आर्थिक संबल दिया है.
प्रतिकात्मक तस्वीर

कोरोना महामारी के दौरान लोगों के अलग-अलग चेहरे सामने आ रहे हैं. कोई  रेमेडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है तो कोई बेड के बदले रिश्वत मांग रहा है. लेकिन, यह सिक्के का एक पहलू है. दूसरे पहलू में बहुत से मददगार लोग शामिल हैं, जो आम आदमी की मदद के लिए तैयार हैं. यह बात अपने आप में लोगों को काफी सुकून देता है. इसके साथ ही हौंसला भी देता है कि कोरोना से जंग सभी साथ मिलकर जीतेंगे.

जी हाँ , महामारी के समय में एक ओर जहाँ इलाज और व्यवस्थाओं के नाम पर मरीजों से वसूली की जा रही है. वहीं इसी समाज का एक मानवीय रूप भी सामने आया है. करौली जिले के रौंसी गाँव निवासी सुरेंद्र अवस्थी को कोरोना संक्रमण होने पर मानसरोवर के मेट्रो मास हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया . 15 दिन बाद गंभीर स्थिति होने पर पिछले चार दिन से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. पीड़ित के परिजन ने बताया कि इलाज के लिए पूरी जमा पूंजी करीब चार लाख रुपए लेकर आए थे. इसके अलावा दो लाख रुपए का कर्जा भी लिया. फिर भी डेढ़ लाख रुपए अस्पताल का बकाया चल रहा है. यह संदेश सोशल मीडिया पर जैसे ही सामने आया, मददगारों की लाइन लग गई. मरीज के बैंक खाते में एक ही दिन में चार लाख रुपए इलाज के लिए लोगों ने जमा करा दिए. इसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अस्पताल प्रशासन को पैसे की कमी के कारण इलाज नहीं रोकने के निर्देश दिए.

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मेट्रो मास हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी रामरतन शर्मा ने बताया कि मरीज के पास अस्पताल का बिल भरने के लिए पैसे नहीं थे. ऐसे में सोशल मीडिया से मदद मिली है. लोगों ने मरीज के खाते में इलाज के लिए पैसे दिए हैं. अस्पताल प्रशासन को मरीज का इलाज जारी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं .

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