संक्रमण का खतरा अधिक हो तो वहां बढ़ाएं टेस्टिंग: सीएम गहलोत

Smart News Team, Last updated: 12/08/2020 06:57 PM IST
  • राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो कोरोना की लड़ाई को पूरी सतर्कता के साथ लड़ रहा है. इसी का परिणाम है कि यहां कोरोना से मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले काफी कम है.
सीएम गहलोत साथ रघु शर्मा

जयपुर. जोधपुर में वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की गई. इस बैठक में सीएम गहलोत ने कहा कि पिछ्ले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं. ऐसे में जहां संक्रमण का खतरा अधिक हो, जोधपुर सहित प्रदेशभर के उन क्षेत्रों में टेस्टिंग बढ़ाई जाए. टेस्टिंग को फोकस्ड करके संक्रमण का फैलाव रोकने में कामयाब हो सकेंगे. उन्होने कहा कि हमारी सजगता और सतर्कता ही इस लड़ाई के अचूक हथियार हैं.

गहलोत ने कहा कि जिन देशों ने कोरोना को लेकर लापरवाही बरती वहां हालात बिगड़ गए और जहां सजगता से इसका सामना किया गया वहां मृत्यु दर कम रही. राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो इस लड़ाई को पूरी सतर्कता के साथ लड़ रहा है. इसी का परिणाम है कि यहां कोरोना से मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले काफी कम है. जुलाई माह में तो यह एक प्रतिशत से भी कम रहा. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले लॉकडाउन का जिस समर्पण के साथ प्रदेश की जनता एवं जोधपुरवासियों ने पालन किया, वह निश्चित तौर पर तारीफ के काबिल है. जन सहयोग ने ही कोरोना की जंग में राजस्थान को एक मॉडल के रूप में पेश किया. देशभर में हमारे प्रयासों की सराहना की गई.

कोरोना का खतरा अभी कम नहीं

सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी कम नहीं हुआ है. मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने सहित अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी गम्भीरता के साथ पालना सुनिश्चित की जाए. लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को जो बड़ा नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए हमें दोगुने जोश के साथ जुटना होगा. एम्स जैसे संस्थानों की स्थापना इस दूरदर्शी सोच के साथ की गई है, जिससे केवल एक शहर या सीमित क्षेत्र को नहीं बल्कि बड़े स्तर पर लोगों को इसका लाभ मिले. कोरोना जैसी महामारी से निपटने में भी ऐसे संस्थानों की विशेष भूमिका होती है. जोधपुर एम्स में भी इसी दूरगामी सोच के साथ काम करते हुए कोरोना जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को तैयार करें.

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