राजस्थान में रियायती जमीन लेकर मनमर्जी नहीं कर सकेंगी संस्थाएं

Smart News Team, Last updated: 03/12/2020 08:57 PM IST
  • राजस्थान में रियायती दर पर जमीन लेकर मनमर्जी करने वाली संसथाओं का जमीन आवंटन अब निरस्त किया जाएगा. रियायती दर पर भूमि आवंटन को लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने प्रमुख सचिव नगरीय विकास और स्वायत्त शासन सचिव को दिए निर्देश.
राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल

जयपुर. कई बार यह देखने में आता है कि संस्थाएं सरकार से रियायती दर पर जमीन आवंटन कराने के बाद मनमर्जी करने लगती है. अब राजस्थान में इस तरह मनमर्जी करने वाली संस्थाओं पर लगाम लगाई जाएगी. राज्य में रियायती दर पर जमीन लेकर मनमर्जी करने वाली संसथाओं का जमीन आवंटन अब निरस्त किया जाएगा. निकाय 15 दिन की भीतर भौतिक सत्यापन करेंगे और आवंटन शर्तों की पालना नहीं मिलती है तो तीन दिन मे आवंटन निरस्त कर जमीन पर कब्जा लेंगे. 

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने इस संबंध में प्रमुख सचिव नगरीय विकास और स्वायत्त शासन सचिव भास्कर ए. सावंत को निर्देश दिए हैं. अब जल्द ही नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग इसके लिए गाइडलाइन जारी करेंगे. इसके बाद निकाय भौतिक सत्यापन शुरू करेंगे. बता दें कि रियायती दर पर भूमि आवंटन को लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने एक जून को विभागों से रिपोर्ट मांगी थी. निकायों की ओर से भेजी गई सूची में ऐसे 1897 आवंटन हैं. जानकारों की मानें तो इसमें कई मामलों में शर्तों के अनुसार जमीन का उपयोग नहीं हो रहा है.

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...तो अफसरों पर होगी कार्रवाई : यदि आवंटन शर्तों की पालना और भूमि का सही उपयोग मिला तो ऐसे प्रकरणों में संबंधित समिति में शामिल प्रत्येक अधिकारी प्रमाण पत्र देंगे. इसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि प्रकरण में आवंटन की शर्तों और भूमि के उपयोग की शर्त की पालना की जा रही है. इसके बाद उस प्रकरण में शर्तों के उल्लंघन की जानकारी मिली और जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट नहीं दी तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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