जयपुर: 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की अभी ऑनलाइन ही होगी पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: 17/08/2020 12:34 PM IST
  • कोरोना का ग्रहण विद्यार्थियों के शिक्षण पर भी लगा है. विद्यार्थी ये नहीं समझ पा रहे हैं कि 10वीं और 12वीं में प्रवेश के लिए आवेदन करना होगा या नहीं. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने के अनुसार, चूंकि सरकार ने 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर. कोरोना का ग्रहण विद्यार्थियों के शिक्षण पर भी पड़ा है. कॉलेज से लेकर स्कूल तक में इसका व्यापक असर दिख रहा है. जहां विद्यार्थी अपने करियर को लेकर तो अभिभावक फीस को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं. इसका सीधा असर 10वीं और 12वीं के आवेदनों पर भी पड़ रहा है. विद्यार्थी ये नहीं समझ पा रहे हैं कि 10वीं और 12वीं में प्रवेश के लिए आवेदन करना होगा या नहीं. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने के अनुसार, चूंकि सरकार ने 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया है, ऐसे में उन्हें किसी भी तरह का कोई आवेदन नहीं करना होगा, सिर्फ अपनी कक्षा का शुल्क जमा करवाना होगा. वहीं कोई विद्यार्थी अगर स्कूल बदलना चाहता है तो उसे नए स्कूल में आवेदन अवश्य करना पड़ेगा और पिछले स्कूल से नाम कटवाना पड़ेगा.

बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर सभी विद्यार्थियों अगली कक्षा में क्रमोन्नत

जिला शिक्षाधिकारी के अनुसार, सरकार के आदेषानुसार बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में क्रमोन्नत कर दिया गया है. वहीं 8वीं तक शिक्षा निशुल्क होने से अभिभावक को किसी भी तरह की फीस जमा नहीं करवानी है, जबकि अन्य कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को तय शुल्क ही देना है. यदि कोई विद्यार्थी स्कूल बदलता है तो उसे पुराने स्कूल से नाम कटवाना होगा और नए स्कूल में ऐडमिशन के लिए आवदेन करना होगा.

स्कूल खुलने के दूर-दूर तक कोई आसार नजर नहीं

कोरोना महामारी के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी यहीं रूके हुए हैं साथ ही यहां नौकरी के लिए जतन कर रहे हैं. वहीं अभी स्कूल खुलने के दूर-दूर तक कोई आसार भी नजर नहीं आज रहे हैं. ऐसे में इस बार ड्रॉप आउट होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ने की भी आषंका है.

9वीं और 10वीं के विद्यार्थी उलझन में

कोरोना के चलते इस बार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम भी काफी देरी से घोषित हुए है. ऐसे में 12वीं के विद्यार्थियों ने तो सीधे कॉलेजों में दाखिला ले लिया, लेकिन 9वीं और 10वीं के विद्यार्थी उलझन में हैं कि उन्हें कैसे दाखिला मिलेगा.

ई-कंटेंट से पढ़ रहे विद्यार्थी

कोरोना महामारी के चलते अभी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को ई-कंटेंट से ही पढ़ाई करवाई जा रही है. राज्य स्तर से जारी होने वाले कंटेंट शिक्षक विद्यार्थियों के व्हाट्सएप ग्रुप आदि पर जारी कर देते हैं. विद्यार्थियों को ई-कंटेंट से पढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कई बार मोबाइल नेटवर्क तो कई बार इंटरनेट की समस्या आ जाती है.

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