अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में रखी है 2343 साल पुरानी ममी, 10 सालों में बना संग्रहालय

Smart News Team, Last updated: Thu, 15th Jul 2021, 1:40 PM IST
  • म्यूजियम में रखी ममी जिस महिला की है उसका नाम 'तूतू' है. बताया जाता है कि मिस्र में उस समय खेम नाम के एक देवता की पूजा की जाती थी. यह महिला उसी देवता के पुरोहितों के परिवार से थी.
अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में पुरातात्विक और हैन्डीक्राफ्ट के सामानों का विस्तृत संग्रह देखने को मिलता है.(Credit: Jaipur Tourism Official Site)

राजस्थान के सबसे शाही और ऐतिहासिक शहर जयपुर पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहता है. शहर में मौजूद किले और महल राजस्थान के गौरवमयी इतिहास को दर्शाते हैं. इन्हीं में से एक है जयपुर का अल्बर्ट हॉल म्यूजियम. यह राजस्थान का पहला और सबसे प्राचीन म्यूजियम है, जिसकी वास्तुकला और संरचना किसी महल से कम नहीं है. यह संग्रहालय राम निवास गार्डन में स्थित है.

म्यूजियम की वास्तुशैली: अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में पुरातात्विक और हैन्डीक्राफ्ट के सामानों का विस्तृत संग्रह देखने को मिलता है. इस म्यूजियम का निर्माण भारत-अरबी शैली में इस्लामिक वास्तुकला और नव गॉथिक शैली के जरिए किया गया है. इसे राम निवास उद्यान का ही अंग माना जाता है. साथ ही म्यूजियम को 'सरकारी केंद्रीय संग्रहालय' के नाम से भी जाना जाता है.

म्यूजियम में रखी ममी जिस महिला की है उसका नाम 'तूतू' है. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

अल्बर्ट हॉल म्यूजिम की स्थापना: अल्बर्ट हॉल म्यूजिम का इतिहास करीबन 150 साल पुराना है. इस संग्रहालय की नीव 6 फरवरी 1876 में वेल्स के प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड ने जयपुर यात्रा के दौरान रखी थी. इस ऐतिहासिक रचना का निर्माण महाराज राम सिंह ने प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड के स्वागत के लिए करवाया था.

म्यूजियम में रखी हुई है 2,343 साल पुरानी ममी: जयपुर के इस सेंट्रल म्यूजियम में धातु कला, मिट्टी के बर्तन, हथियार और कवज, संगमरमर कल, लघु चित्रों, आभूषणों, 19वीं सदी की जापानी गुड़िया समेत दुनियाभर से लाई गईं कई ऐतिहासिक चीजें और कलाकृतियां मौजूद हैं. लेकिन इसी के साथ अल्बर्ट हॉल म्यूजियम में 2343 साल पुरानी एक महिला की ममी रखी हुई है. यह ममी मिस्र के पुराने नगर, पैनोपोलिस से खुदाई के दौरान मिली था.

म्यूजियम में रखी ममी जिस महिला की है उसका नाम 'तूतू' है. बताया जाता है कि मिस्र में उस समय खेम नाम के एक देवता की पूजा की जाती थी. यह महिला उसी देवता के पुरोहितों के परिवार से थी.

1876 में नींव रखे जाने के बाद अल्बर्ट हॉल म्यूजियम 10 साल बाद यानी 1886 में बनकर तैयार हुआ था. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

10 साल में बनकर तैयार हुआ था म्यूजियम: 1876 में नींव रखे जाने के बाद अल्बर्ट हॉल म्यूजियम 10 साल बाद यानी 1886 में बनकर तैयार हुआ था. इस हॉल की परिकल्पना और इंजीनियरिंग का काम स्विंटन जैकब ने किया था. जयपुर के ही चंदर और तारा मिस्त्रियों ने इसका निर्माण किया. इस इमारत को बनाने के लिए उस समय 5 लाख से ज्यादा रुपये लगे थे.

दिल्ली से जयपुर: दिल्ली से जयपुर की दूरी करीब 294 किलोमीटर है. आप बस, ट्रेन या फिर फ्लाइट से जयपुर तक का सफर तय कर सकते हैं. बस के रास्ते दिल्ली से जयपुर पहुंचने में केवल 4 घंटे 53 मिनट का समय लगता है. वहीं अगर आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं तो इसमें केवल 5 घंटे 15 मिनट का समय लगेगा. फ्लाइट से केवल डेढ़ घंटे में आप दिल्ली से जयपुर पहुंच सकते हैं.

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