सफेद संगमरमर से बने बिरला मंदिर के वास्तुकला ऑड दीवार की नक्काशी कर देगी हैरान

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Jul 2021, 3:44 PM IST
  • जयपुर का बिरला मंदिर, जिसे सफेद संगमरमर से बनाया गया है. मंदिर का निर्माण बिरला परिवार द्वारा करवाया गया था, जिसके बाद से ही मंदिर का नाम बिरला मंदिर पड़ गया. इसके अलावा मंदिर को लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.
मंदिर का निर्माण बिरला परिवार द्वारा करवाया गया था, जिसके बाद से ही मंदिर का नाम बिरला मंदिर पड़ गया. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

जयपुर में ऐसी कई भव्य इमारतें हैं जो यहां आने वाले पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए काफी हैं. यहां मौजूद न केवल किले या इमारतें ही अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि मंदिर भी यहां अपनी नक्काशियों और बनावट के लिए खूब जाने जाते हैं. इन्हीं में से एक है जयपुर का बिरला मंदिर, जिसे सफेद संगमरमर से बनाया गया है. मंदिर का निर्माण बिरला परिवार द्वारा करवाया गया था, जिसके बाद से ही मंदिर का नाम बिरला मंदिर पड़ गया. इसके अलावा मंदिर को लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

यूं तो देशभर में की बिरला मंदिर हैं जहां अकसर पर्यटकों की भीड़ लगी होती है, लेकिन जयपुर का बिरला मंदिर अपने आप में ही अनेक विशेषताएं लिये हुए है, जिसके कारण इस मंदिर को अनूठा स्थान प्राप्त है. जयपुर के बिरला मंदिर का निर्माण साल 1988 में करवाया गया था. यहां भगवान श्री नारायण और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई है. डुंगरी इलाके के पास बने इस मंदिर के सफेद संगमरमर में हुई सूक्ष्म नक्काशी वाकई देखते बनती है. मंदिर परिसर तो खूबसूरत है ही, साथ ही आसपास लगे हरे-भरे पेड़ और पौधे मंदिर की सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं. कहा जाता है कि रात में मंदिर का नजारा वाकई में देखने लायक होता है.

जयपुर के बिरला मंदिर का निर्माण साल 1988 में करवाया गया था. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

बिरला मंदिर में विष्णुजी और लक्ष्मी जी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी सुंदर-सुंदर मूर्तियां मौजूद हैं. वहीं मंदिर की बाहरी दीवारों पर अनेकों महान विभूतियां और धार्मिक व्यक्तित्व को चित्रित किया गया है, जिनमें बुद्ध से लेकर सुकरात, जरथुस्त्र, ईसा मसीह और कंफ्यूशियस शामिल हैं. बिरला मंदिर से जुड़ा एक तथ्य यह भी है कि इस जमीन को बिरला प्रतिष्ठान ने जयपुर के तत्कालीन महाराजा से एक रुपए की राशि देकर खरीदी थी.

बिरला मंदिर में विष्णुजी और लक्ष्मी जी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी सुंदर-सुंदर मूर्तियां मौजूद हैं.(Credit: Jaipur Tourism Official Site)

कैसे और कब पहुंचें: बिरला मंदिर रोजाना सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है. जयपुर इंटरनेशनल एयपोर्ट से मंदिर की दूरी 8.9 किलोमीटर है, ऐसे में पर्यटक निजी वाहन कर 20 मिनट में आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं. वहीं जयपुर जंक्शन से बिरला मंदिर की दूरी करीब 8.3 किलोमीटर है, जिससे पर्यटक निजी वाहन कर 21 मिनट में वहां तक पहुंच सकते हैं.

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