जयपुर: बेटी बन सके डॉक्टर इसलिए लिए सड़कों पर हेलमेट बेचकर कर रहा गुजारा पिता

Smart News Team, Last updated: 14/09/2020 10:03 AM IST
  • जयपुर. पिता द्वारा अपनी पुत्री को एग्जाम दिलाए जाने के लिए कई 100 किलोमीटर दूर से परीक्षा दिलाने के लिए आता है. उसकी कमाई इतनी नहीं है कि बेटी महंगी पढ़ाई को पूरा कर सके. पुत्री को एडमिशन दिलाया और उससे कहा कि वह अपनी पूरी इच्छा कर ले जिससे कि वह डॉक्टर बन सके
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर| जयपुर में नीट की एग्जाम दिलाने आए एक पिता का ऐसा मामला सामने आया है. जिसे सुनकर ही लोगों की आंखें नम हो जाती है. इसमें एक पिता द्वारा अपनी पुत्री को एग्जाम दिलाए जाने के लिए कई 100 किलोमीटर दूर से परीक्षा दिलाने के लिए आता है. मगर उसकी तमन्ना उस समय पूरी हो जाती है जब उसकी पुत्री परीक्षा केंद्र के अंदर जाकर अपनी योग्यता का पूरी तरह से प्रदर्शन करती है.

इस संबंध में जयपुर के प्रताप प्रताप नगर निवासी राजकुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बहुत ही गरीब व्यक्ति है. जयपुर में वर्षों से फुटपाथ पर हेलमेट बेच कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है. परिवार में दो बेटे और एक बड़ी बेटी है. बेटी का सपना डॉक्टर बनने का है. जब बेटी ने अपनी चाहत अपने पिता को बताई तो पिता ने इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती और पूरी मेहनत के साथ उसे पूरा करने के लिए जुट गया.

राजकुमार ने बताया कि उसकी कमाई इतनी नहीं है कि बेटी महंगी पढ़ाई को पूरा कर सके. मगर बेटी का सपना उनकी आर्थिक कमजोरी से न टूटे. इसलिए उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर बेटी की परीक्षा का शुल्क जमा किया.

बताया कि बेटी के डॉक्टर बनने का अरमान को लेकर उन्होंने अच्छी कोचिंग के लिए अन्य लोगों से भी कर्ज लिया. उन्होंने बताया कि गोपालपुरा बाईपास पर एक अच्छे कोचिंग सेंटर में उन्होंने अपनी पुत्री को एडमिशन दिलाया और उससे कहा कि वह अपनी पूरी इच्छा कर ले जिससे कि वह डॉक्टर बन सके.

जयपुर में 54 परीक्षा केंद्रों पर सम्पन्न हुई नीट-2020 की परीक्षा

बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका धंधा बंद हो गया था. पिछले छह-सात माह में एक मी हेलमेट नहीं बिचा था. जिसके कारण उन्होंने रुपए उधार लेकर घर चलाया लेकिन बेटी काजल की पढ़ाई में उन्होंने कोई भी बाधा नहीं आने दी.

उन्होंने अपनी पुत्री की पढ़ाई के लिए अलग कमरे का इंतजाम किया. कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा बेटी देर रात तक पढ़ती है और उसकी मां उसे कमरे में ही खाना के अलावा चाय नाश्ता आज भी उपलब्ध कराती है.

 

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