जयपुर: राजस्थान की शिक्षिका गीता कुमारी को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

Smart News Team, Last updated: 23/08/2020 10:17 AM IST
  • बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में क्षतिग्रस्त विद्यालय के पुनर्निर्माण के लिए गीता ने दे दी अपनी पुश्तैनी जमीन राजस्थान ,गोवा, छत्तीसगढ़ व तेलंगाना से सिर्फ एक एक शिक्षक हुए चयनित सबसे ज्यादा तीन तीन पुरस्कार गुजरात, झारखंड व कर्नाटक के हिस्से
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर। सार्वजनिक शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिक्षिका गीता कुमारी का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है.

यह पुरस्कार पाने वाली वह राजस्थान की एकमात्र शिक्षिका है. यह पुरस्कार शिक्षकों के लिए बहुत ही गौरवशाली पुरस्कार है जिसके लिए गीता कुमारी को चयनित किया गया है.

गीता कुमारी ने शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय काम किया है. उन्होंने नवाचार के माध्यम से छात्रों को बेहतर रुचि के साथ शिक्षा दी है.

साथ ही बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है. विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ाते हुए नई शिक्षण पद्धति से बच्चों को जोड़ते हुए शिक्षा जगत को नया आयाम दिया. इसके अलावा गीता कुमारी ने अपनी पुश्तैनी जमीन भी बच्चों के शिक्षण के लिए दान दे दी.

दरअसल जहां गीता कुमारी पढ़ाती हैं. वह विद्यालय बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में है. जिससे विद्यालय क्षतिग्रस्त हो गया है. उस विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने लायक स्थिति नहीं है.

विद्यालय के पुनर्निर्माण के लिए गीता ने अपने पूर्वजों की पुश्तैनी जमीन बच्चों के शिक्षण के लिए दे दिया. उनका यह योगदान शिक्षा क्षेत्र में अतुलनीय है.

गीता के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 17 महिला शिक्षकों ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए बाजी मारी है. इनमें कर्नाटक व झारखंड से 2 शिक्षिकाएं हैं.

जबकि तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, सिक्किम, केरल व तेलंगाना से एक-एक शिक्षिकाएं शामिल है.

सबसे ज्यादा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार गुजरात, झारखंड व कर्नाटक में दिए जा रहे हैं. इन राज्यों में कुल तीन-तीन शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा.

 

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