जयपुर समेत पूरे राजस्थान में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Smart News Team, Last updated: Fri, 7th May 2021, 2:29 PM IST
  • देश में ऑक्सीजन की कमी के बाद अब नये प्लांट लगाने पर जोर दिया जा रहा है। राजस्थान की सरकार अब जयपुर समेत पूरे राज्य में कृषि भूमि पर प्लांट लगाने के लिये निवेशकों को आकर्षक प्रस्ताव और छूट दे रही है।
प्रतिकात्मक तस्वीर

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब देशभर में ऑक्सीजन की किल्लत सामने आ रही है। ऐसे में  जयपुर के कई बड़े अस्पतालों ने कोरोना के नए मरीज लेने से इनकार कर दिया है। राजस्थान के लगभग सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत आ चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार केंद्र पर भी हमला बोल रहे हैं। लेकिन, अब राज्य सरकार इस संबंध में एक ऐसा कदम उठाने जा रही है जिससे भविष्य में यहां ऑक्सीजन की कमी ना आए। लोग अधिक से अधिक ऑक्सीजन प्लांट लगाए, इस ओर अब सरकार प्रयास कर रही है।

इसके लिये राजस्थान की गहलोत सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन गैस की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि भूमि पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर विशेष रियायत दी है। ऐसे में अब कृषि भूमि पर प्लांट लगाया जाता है तो लीज राशि में शत-प्रतिशत की छूट देकर निःशुल्क भू-उपयोग रूपातंरण किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों एवं अन्य शहरों में स्थानीय नगरीय निकायों की ओर से अपने संसाधनों अथवा निजी संस्थाओं के माध्यम से ऑक्सीजन गैस संयत्र स्थापित किए जाने हैं। ऐसे में राजस्थान नगरीय क्षेत्र (कृषि भूमि का गैर कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग की अनुज्ञा और आवंटन) नियम, 2012 के तहत भू-उपयोग रूपातंरण के लिए देय प्रीमियम एवं लीज राशि में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।इस निर्णय से बड़ी संख्या में छोटे निवेशक मेडिकल उपयोग के लिए ऑक्सीजन गैस के संयत्र लगाने के लिए आकर्षित होंगे। जिससे राजस्थान में कोविड-19 महामारी के गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

बता दें कि राजस्थान सरकार लगातार केंद्र से ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने की मांग कर रही है। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने दो दिन पहले सीएम के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में जानकारी दी थी कि केंद्रीय गृह सचिव तथा स्वास्थ्य सचिव ने केन्द्र सरकार की ओर से राजस्थान के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। बढ़े हुए कोटे की आपूर्ति जामनगर से करने की मांग की गई है। साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारियों के साथ इस प्लांट से अधिक आपूर्ति देने के विषय पर चर्चा की है। उन्होंने बताया था कि प्रदेश के कुछ अस्पतालों में भारत सरकार की ओर से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही नैवैली लिग्नाइट की ओर से ऑक्सीजन कान्सन्ट्रेटर के सहयोग की पेशकश भी की गई है। कुछ जिला कलक्टरों से ऑक्सीजन प्लांट के लिए जमीन चिन्हित करने को कहा गया है।

बता दें कि ऑक्सीजन के परिवहन के लिये राज्य को कुछ कंपनियों से नाइट्रोजन एवं एलएनजी के टैंकर प्राप्त हुए हैं। इनमें से दो टैंकरों का रूपान्तरण करवा कर उनसे ऑक्सीजन के उठाव का काम शुरू कर दिया गया है। शेष टैंकरों को ऑक्सीजन परिवहन के उपयुक्त बनाने के लिए इनके शुद्धिकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पानागढ़ से भी चार अतिरिक्त टैंकर लाने के प्रयास चल रहे हैं।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें