जयपुर: गुलदस्ता लिए पहुंची महिला पुलिसकर्मियों को शिक्षकों ने किया सलाम

Smart News Team, Last updated: Sun, 6th Sep 2020, 9:32 AM IST
  • निर्भया स्क्वॉड ने किया शिक्षकों का किया सम्मान हाथों में गुलदस्ता लेकर विद्यालय में निर्भया स्क्वाड पुलिस टीम ने शिक्षकों का किया सम्मान.
निर्भया स्क्वाड

जयपुर। शिक्षक दिवस पसरे सन्नाटे के बीच शनिवार को निर्भया स्क्वाड पुलिस टीम ने शिक्षकों को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया. शिक्षक दिवस पर हर वर्ष की भांति इस बार चहल-पहल दिखाई नहीं दी. कोरोना काल के दौरान त्योहार हो या कोई भी आयोजन पहले जैसा नजर नहीं आ रहा है. शिक्षक दिवस पर जहां हर साल स्कूलों में बच्चों की रौनक के बीच शिक्षक इस दिवस को मनाते थे. वहीं इस बार स्कूलों में बच्चों की कमी खली. शिक्षकों ने ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर शिक्षक दिवस मनाया. स्कूलों में पसरे सन्नाटे के बीच जब निर्भया स्क्वॉड की टीम हाथों में गुलदस्ते और ग्रीटिंग कार्ड लेकर शिक्षकों को सम्मानित करने पहुंची तो हर कोई नतमस्तक हो गया. जयपुर शहर में सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी निभा रही निर्भया स्क्वॉड की टीम ने शिक्षक दिवस पर आज शिक्षकों का सम्मान किया.

शिक्षकों को कोरोना बचाव के लिए जागरूक भी किया

टीम की कप्तान एडिशनल डीसीपी सुनीता मीना के नेतृत्व में निर्भया स्क्वॉड महिला पुलिस की टीम ने अपनी अपनी बीट के क्षेत्र में स्कूल-स्कूल जाकर शिक्षकों को ग्रिटिंग कार्ड और गुलदस्ते भेंट कर सम्मान किया. सभी स्कूलों में पसरे सन्नाटे के बीच शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके लिए गर्व की बात रही. पहली बार शिक्षक दिवस पर शिक्षक मायूस नजर आ रहे थे. इस दौरान शिक्षकों और छात्रों के असीम प्यार में दूरी दिखाई दी.

मीना ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल में विद्यार्थियों के लिए प्रवेश बंद होने से बच्चे शिक्षक दिवस नहीं मना सकते है. इस कमी को पूरा करने के लिए ही टीम की महिला पुलिसकर्मी ने अपने क्षेत्र में शिक्षकों को सम्मानित किया.

मीना ने बताया कि कोरोना के समय में जब स्कूल और अभिभावक दोनों ही मुसीबतों से घिरे हैं, ऐसे में शिक्षकों ने शिक्षा के प्रसार को हर मुश्किल के बावजूद जारी रखा और शिक्षक दिवस के दिन ऐसे ही कर्मठ व निष्ठावान शिक्षकों का सम्मान किया जाना चाहिए. टीम की सदस्यों ने शिक्षकों को कोरोना बचाव के लिए जागरूक भी किया. इसके अलावा महिला शिक्षकों को महिला समानता के अधिकारों व महिला हैल्प लाइन के बारे मे जानकारी भी दी गई.

शिक्षक ही समाज के कर्णधार

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक ही समाज के कर्णधार है. इन्हीं की बदौलत समाज का निर्माण होता है. देश के विकास में शिक्षकों का प्रथम योगदान है. 

इनके जरिए ही कोई भी देश विकास की ऊंचाइयों और बुलंदियों को छूता है. ऐसे में शिक्षकों का सम्मान किया जाना बेहद जरूरी है. सभी अभिभावकों को अपने बच्चों के भीतर शिक्षकों के सम्मान को लेकर नैतिकता लानी होगी.

 

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