हाईटेक हुई जयपुर यातायात पुलिस, अब ई चालान काटेगी

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Nov 2020, 3:34 PM IST
  • जयपुर पुलिस कमिश्नर ने भारतीय स्टेट बैंक एवं एनआईसी के सहयोग से बुधवार को ई चालान पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. पुलिस कमिश्नर ने कहा, जयपुर पुलिस ने आमजन के हित में ज्यादा से ज्यादा नवीन तकनीकी का उपयोग कर पूरे सिस्टम को आधुनिक बनाया है.  
जयपुर पुलिस अब ई चालान काटेगी

जयपुर: जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस मुख्यालय व भारतीय स्टेट बैंक एवं एनआईसी के सहयोग से बुधवार को ई चालान पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. पुलिस कमिश्नर ने कहा जयपुर पुलिस ने आमजन के हित में ज्यादा से ज्यादा नवीन तकनीकी का उपयोग कर पूरे सिस्टम को आधुनिक बनाया है. यातायात पुलिस जयपुर द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरोध की जा रही कार्रवाई के डिजिटलाइजेशन हेतु ई चालान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू कर चालान मशीनों से काटने की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी. 

पुलिस कमिश्नर ने कहा कोरोना काल में ई चालान ज्यादा उपयोगी साबित होगा. ई चालान की प्रक्रिया में डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड एवं यूपीआई के माध्यम से वाहन चालक मौके पर ही कैशलेस भुगतान कर सकेगा. इसमें रियल टाइम ट्रांसफर सिस्टम होने से सरकारी खाते में राशि जमा करवाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होगा. यातायात पुलिसकर्मी मौके पर ही पूर्व में वाहन चालक द्वारा किए गए नियमों के उल्लंघन को चेक कर सकेगा. पुलिस उपायुक्त यातायात आदर्श सिंधु ने कार्यक्रम का संचालन किया.

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 एसबीआई के महाप्रबंधक गोविंद सिंह रावत ने भी प्रोजेक्ट के बारे में अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वितीय राहुल प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात ललित किशोर शर्मा और सतवीर सिंह, एसबीआई के उप महाप्रबंधक विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

ई चालान के फायदे

- रियल टाइम में आरटीओ डाटा जैसे वाहन रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, इंश्योरेंस एवं पॉल्यूशन एवं चालान हिस्ट्री को देख कर आवश्यक कार्रवाई किया जा सकेगा

- मौके पर वाहन नंबरों के साथ छेड़खानी के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी

- वाहन चालक द्वारा बार-बार नियमों के उल्लंघन किए जाने पर संबंधी जानकारी मिलेगी

- परिवहन विभाग द्वारा जारी स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस एवं आरसी को मौके पर डिवाइस के द्वारा रीड किया जा सकेगा एवं लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा सकेगी

- कागजी कार्रवाई को कम किया जा सकेगा, जिससे अनावश्यक वित्तीय भार कम होगा.

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