जयपुर: सुख समृद्धि की वृद्धि के लिए महिलाओं ने रखा रोहिणी व्रत

Smart News Team, Last updated: 10/09/2020 03:36 PM IST
  • जयपुर. व्रत कथा सुने बिना अधूरा माना जाता है रोहिणी व्रत भगवान वासुपूज्य की आराधना के साथ महिलाओं ने गुरुवार को रखा व्रत
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर। पति की दीर्घायु, सुख समृद्धि व धन वृद्धि के लिए महिलाओं ने गुरुवार को रोहिणी व्रत रखा. इस दौरान महिलाओं ने सुबह स्नान ध्यान आदि कर भगवान वासुपूज्य की आराधना की. इसके बाद व्रत कथा सुनकर व्रत की शुरुआत की. माना जाता है कि रोहिणी व्रत रखने से घर में सुख शांति बनी रहती है. इसके अलावा धन-संपत्ति में भी वृद्धि होती है.

खास बात यह है कि रोहिणी व्रत कथा का श्रवण नहीं करने से यह अधूरा माना जाता है. इसलिए महिलाएं व्रत रखने के साथ कथा भी सुनती हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई ने बताया कि जैन परिवार की महिलाएं विशेषकर रोहिणी पर्व मनाती है.

पति की लंबी आयु और बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह व्रत रखा जाता है. साथ ही वर्ष भर में की गई गलतियों की क्षमा व पश्चाताप के लिए भी यह व्रत रखा जाता है. माना जाता है कि यह व्रत रखने से उनके गलतियों को ईश्वर माफ कर देते हैं. रोहिणी व्रत के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान कर भगवान वासुपूज्य की विधि विधान से पूजा की जाती है. महिलाओं ने सुबह उठकर भगवान वासुपूज्य का श्रृंगार कर पुष्प अक्षत आदि चढ़ाया.

इसके बाद विधि विधान से पूजा अर्चना की.

27 नक्षत्रों में से रोहिणी नक्षत्र खास माना जाता है. यह बेहद महत्वपूर्ण नक्षत्र माना जाता है. जिसमें व्रत का विधान है. सामान्य रूप से महीने का 27 वां दिन ही रोहिणी व्रत के लिए माना जाता है. इस प्रकार रोहिणी व्रत वर्ष में 12 से 13 बार किया जाता है. गुरुवार को रोहिणी व्रत महिलाओं ने रखा है. वर्ष 2020 में 4 रोहिणी व्रत और बचे हैं. नियमानुसार 3, 5 या 7 सालों तक लगातार व्रत किए जाने के बाद इस का उद्यापन किया जाता है. बुधवार को सुबह 11:17 रोहिणी नक्षत्र का शुभारंभ हो रहा है. यह गुरुवार को दोपहर 1:39 तक रहेगा.

 

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