जयपुर का विद्याधर का बाग पहाड़ियों के बीच फव्वारों और जलाशयों के लिए है मशहूर

Smart News Team, Last updated: Wed, 21st Jul 2021, 9:04 AM IST
  • विद्याधर का बाग महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के शासनकाल में लिपिक के पद पर कार्यरत विद्याधर को समर्पित है. हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बाग काफी खूबूसरत लगता है. बताया जाता है कि बाग का संरक्षण इस प्रकार से किया गया है कि यह आज भी वैसा ही लगता है, जैसा यह अपने निर्माण के वक्त लगता था.
विद्याधर का बाग महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के शासनकाल में लिपिक के पद पर कार्यरत विद्याधर को समर्पित है. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासतों और संस्कृति के लिए खूब जाना जाता है. यहां मौजूद किले, मंदिर और यहां तक कि बाजार भी जयपुर के गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं. इमारतों के साथ-साथ यहां स्थित बाग भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं. यूं तो जयपुर में घूमने के लिए कई जगहें हैं, लेकिन बात अगर ऐतिहासिक विरासतों के साथ-साथ प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने की हो तो विद्याधर का बाग सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है. यह बाग जयपुर की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करता है.

विद्याधर का बाग महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के शासनकाल में लिपिक के पद पर कार्यरत विद्याधर को समर्पित है. बताया जाता है कि वह लिपिक बहुत ही होनहार था और उसे कई विद्याओं का ज्ञान भी था. उसी की निगरानी में सन 1727 में आमेर रियासत के दक्षिण में एक भव्य शहर बसाया गया था, जिसे अब जयपुर के नाम से जाना जाता है.

 

लोग यहां घूमने-फिरने के साथ-साथ फोटोग्राफी सेशन के लिए भी आते हैं. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

विद्याधर का बाग जयपुर के पश्चिमी पहाड़ियों के बीच आगरा रोड पर स्थित है. हरी-भरी पहाड़ियों के बीच बाग काफी खूबूसरत लगता है. बताया जाता है कि बाग का संरक्षण इस प्रकार से किया गया है कि यह आज भी वैसा ही लगता है, जैसा यह अपने निर्माण के वक्त लगता था. यहां के उद्यान समकालीन हिंदू और मुगल शैली में निर्मित किये गए हैं. बाग की सुंदर बनावट, जलाशय, सीढ़ीदार लॉन, फव्वारे और छतरियां दर्शकों का खूब ध्यान खींचती हैं. इसके अलावा फूलों की क्यारियां और व्यवस्थित दूब के मैदान बाग की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं. बाग की दीवारों पर बारीकी से की गई नक्काशी की गई है, साथ ही जालियां भी बनाई गई हैं.

 

खास बात तो यह है कि प्राकृतिक खूबसूरती के कारण यहां तरह-तरह के पक्षी भी आते हैं. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

यूं तो बाग साल के 12 महीने खुला रहता है. लेकिन यहां घूमने का बेस्ट मौसम मॉनसून माना जाता है. मॉनसून के वक्त पहाड़ियों के बीच स्थित बाग का नजारा देखने लायक होता है. फूल और पौधे के अलावा यहां कई शाही छतरियां भी बनी हुई हैं, जो देखने में अद्भुत लगती हैं. कहा जाता है कि लोग यहां घूमने-फिरने के साथ-साथ फोटोग्राफी सेशन के लिए भी आते हैं. खास बात तो यह है कि प्राकृतिक खूबसूरती के कारण यहां तरह-तरह के पक्षी भी आते हैं. खासकर लोगों को यहां मोर, बुलबुल, सोनचिरैया और तोते काफी मात्रा में देखने को मिलते हैं.

विद्याधर का बाग सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक कुला रहता है. यह बाग सिसोदिया रानी के भवन और गार्डन से कुछ ही दूरी पर स्थित है. (Credit: Jaipur Tourism Official Site)

विद्याधर का बाग सुबह 8 बजे से शाम 5:30 बजे तक कुला रहता है. यह बाग सिसोदिया रानी के भवन और गार्डन से कुछ ही दूरी पर स्थित है. विद्याधर का बाग घूमने के साथ-साथ पर्यटक गलता जी मंदिर, सिटी पैलेस, सिसोदिया रानी का बाग और हवा महल जैसी इमारतों में भी घूम सकते हैं.

कैसे पहुंचें: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बाग की दूरी मात्र 12.4 किलोमीटर है, ऐसे में पर्यटक निजी और सार्वजनिक वाहन कर यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं. वहीं जयपुर जंक्शन से बाग की दूरी 9 किलोमीटर है. स्टेशन और एयरपोर्ट से बाग तक कई सार्वजनिक वाहन भी चलते हैं, ऐसे में लोग आसानी से ज्यादा पैसे न गवाते हुए यहां पहुंच सकते हैं.

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