जयपुर : कोरोना से छुटकारा मिलने के बाद घेर रही दूसरी बीमारियां

Smart News Team, Last updated: Sat, 19th Dec 2020, 7:52 PM IST
  • जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉक्टर पुनीत रिझवानी ने बताया कि कोरोना के बाद डायबिटिक पेशेंट की आंखों में फंगल इंफेक्शन न्यूकर माइकोसिस के केस सामने आ रहे हैं. कई मरीजों को पोस्ट कोविड के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट और ब्रेन स्ट्रॉक भी हो रहा है.
सांकेतिक फोटो

जयपुर. कोरोना से छुटकारा पाने वाले मरीज दूसरी बीमारियों से परेशान हो रहे हैं. जयपुर में कुछ ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जो काफी गंभीर हैं. महात्मा गांधी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉक्टर पुनीत रिझवानी ने बताया कि कोरोना के बाद डायबिटिक पेशेंट की आंखों में फंगल इंफेक्शन न्यूकर माइकोसिस के केस सामने आ रहे हैं. 

पहले इस तरह के केस सालभर में एक-दो ही देखने को मिलते थे, लेकिन अब उन्होंने करीब पांच केस ऐसे देखे हैं, जिनमें पोस्ट कोविड मरीज को इस तरह का इंफेक्शन हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह बहुत खतरनाक इंफेक्शन हैं और समय पर सावधानी नहीं बरती जाए तो यह काफी खतरनाक हो सकता है. उन्होंने बताया कि शुगर के मरीजों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है. इसका लक्षण आंखों में सूजन, सिर दर्द, धुंधला दिखाई देना है. साथ ही डॉक्टर रिझवानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंग्स में फेब्रोसिस, जोड़ो में दर्द और गले में संक्रमण, हाथ-पैर में दर्द, स्टेमिना कमजोर होना, चिड़चिड़ापन जैसी बीमारियां सामने आ रही हैं.

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डॉक्टर्स के मुताबिक कोरोना पीरियड में यह देखने में आया कि मरीज कोरोना से ठीक हो चुका है. लेकिन, कई मरीजों को पोस्ट कोविड के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट और ब्रेन स्ट्रॉक हो रहा है. ऐसे में इससे बचाव के लिए जरूरी है कि समय-समय पर डी डाइमेर वैल्यूज करानी चाहिए. इस टेस्ट से पता चलता है कि खून कितना गाढ़ा है.

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