‘नो स्कूल-नो फीस’ को लेकर जयपुर के शहीद स्मारक पर अभिभावकों का धरना

Smart News Team, Last updated: 30/11/2020 06:38 PM IST
  • कुछ दिन पहले निजी स्कूल संचालक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे थे तो आज उसी जगह पर अभिभावकों ने धरना शुरू किया. धरने में पुलिस प्रशासन ने 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी थी. ऐसे में निर्धारित संख्या में ही अभिभावक पहुंचे.
नो स्कूल-नो फीस की मांग को लेकर धरने पर बैठे अभिभावक

जयपुर. कोरोना के कारण देशभर के अधिकांश राज्यों में स्कूलें बंद हैं. ऐसे में राजस्थान में लगातार निजी स्कूल संचालक और अभिभावकों में स्कूल फीस को लेकर विवाद हो रहा है. कुछ दिन पहले निजी स्कूल संचालक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे थे तो आज उसी जगह पर अभिभावकों ने धरना शुरू कर दिया है. संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले शुरू हुए इस धरना-प्रदर्शन में शामिल अभिभावक नो स्कूल-नो फीस की मांग उठा रहे हैं. शहीद स्मारक पर सुबह करीब 11 बजे स्कूल फीस के मुद्दे को लेकर अभिभावक संघ का धरना शुरू हुआ. 

इस धरने में शामिल अभिभावकों ने सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए जमकर सरकार और निजी स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. धरने में पुलिस प्रशासन ने 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी थी. ऐसे में निर्धारित संख्या में ही अभिभावक पहुंचे. अभिभावक संघ के प्रवकता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि अभिभावक फीस के मुद्दे को लेकर सरकार और निजी स्कूलों के खिलाफ धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे. उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन लगातार फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव बना रहा है. लेकिन, कोरोना के कारण अभिभावकों की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है. ऐसे में वे फीस का भुगतान करने में असमर्थ हैं. 

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उन्होंने कहा कि वे पिछले आठ माह से राहत की मांग कर रहे हैं. आज अभिभावकों के साथ स्थिति यह हो गई है कि उन्हें सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ धरना देना पड़ रहा है. आठ महीनों से स्कूल संचालक तानाशाही और हठधर्मिता का प्रदर्शन कर रहे थे. अब सरकार भी अभिभावकों की आवाज को अनसुना कर रही है. शहीद स्मारक पर आयोजित धरने की खास बात यह रही कि जो भी अभिभावक वहां पहुंचे उन्हें मास्क लगाना जरूरी था. इसके साथ ही धरना स्थल में प्रवेश के साथ ही अभिभावकों के हैंड वॉश कराए गए और उसके बाद सेनेटाइज किया गया. साथ ही सभी ने सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा.

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