परमिट ग्रामीण क्षेत्रों का और संचालित हो रही शहरों में, रोडवेज को हो रहा नुकसान

Smart News Team, Last updated: 13/09/2020 11:47 AM IST
  • अवैध बसों के चलने से रोडवेज डिपो को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. अवैध बसें सबसे अधिक जयपुर, सीकर, झुंझुनू और चूरु जिले में संचालित हो रही हैं.
राजस्थान रोडवेज

जयपुर| जयपुर में वर्तमान में अवैध बसों का संचालन जोरों से चल रहा है. यह बसें लोक परिवहन सेवा निगम के नाम से धड़ल्ले से चल रही हैं. इन बसों के चलने से रोडवेज डिपो को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. निजी बसों का परमिट तो ग्रामीण क्षेत्रों का है मगर यह जयपुर सीकर हाईवे पर बेधड़क सवारिया ले जा रही हैं.

बताते चलें कि इससे पूर्व प्रदेश में अवैध बसों का संचालन पूरी तरह से ठप था. मगर लॉकडाउन के बाद खोली गई प्रक्रिया से यह बसें दोबारा से अपने ढर्रे पर लौट आई हैं. अवैध बसों के संचालन से रोडवेज डिपो को अच्छी खासी चोट लग रही है. अवैध बसें सबसे अधिक जयपुर, सीकर, झुंझुनू और चूरु जिले में संचालित हो रही हैं. विभाग ने इन बसों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परमिट दिया है. मगर यह वहां चलकर हाईवे पर धड़ल्ले से घूम रही हैं.

सिंधी कैंप बस स्टैंड के सामने संचालित हो रहे निजी बसों के स्टैंड पर दिन-रात यात्रियों को बैठाया जा रहा है. यहां पर आरटीओ कोई भी कार्रवाई करते हुए नहीं देखे जा रहे हैं. इस स्थान से करीब 100 प्राइवेट बसें संचालित हो रही है.

इस संबंध में अवैध बसों पर कार्रवाई करने के लिए रोडवेज प्रशासन ने आरटीओ जयपुर को कई बार पत्र लिखा. मगर आज तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी है. यहां तक कि रोडवेज के अधिकारियों ने बसों के नंबरों के बारे में भी प्रशासन को सूचित कर दिया है.

बताया जाता है लाक डाउन हटने के बाद साढे 3 महीने बाद रोडवेज बस सेवा प्रारंभ हुई. वर्तमान में 4 हजार बसों में सिर्फ पच्चीस सौ बसों का ही संचालन हो रहा है. रोडवेज सीएमडी नवीन जैन ने बताया की वर्तमान में पूरी रोडवेज बस ही संचालित नहीं हो पा रही हैं. इसके बावजूद वह ठेके पर लगी 950 बसों का संचालन कहां से करेंगे. बताया बसों के न चलने से करीब 14 करोड़ रुपए का घाटा रोडवेज को हो रहा है.

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