Pitru Paksha 2021: इस दिन से आरंभ है पितृ पक्ष, ये है पहले श्रद्ध की तिथि

Anuradha Raj, Last updated: Sat, 28th Aug 2021, 8:57 AM IST
  • हिंदु धर्म में पितृ पक्ष की बहुत ही मान्यता है. पितृ पक्ष के दौरान लोग अपने परिजनों का श्रद्धा करते हैं. ऐसा करने से पितृ दोष दूर हो जाता है.
पितृ पक्ष कब है

पितृ पक्ष की शुरुआत होने जा रही है. पंचांग पर गौर करें तो अश्विन महीने की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष शुरू हो जाता है. सबसे बड़ा धर्म माता-पिता की सेवा को ही माना जाता है. हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया जाता है. अपने पितरों को पितृ पक्ष में याद करना चाहिए और उन्हें सम्मान देना चाहिए. अमावस्या तिथि को पितृ पक्ष यानि श्राद्ध का समापत हो जाता है. इस दिन जो श्राद्ध होता है उसे सर्वपित्रू अमावस्या या महालय अमावस्या के नाम से भी जानते हैं. महालय अमावस्या पितृ पक्ष में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है.

ये है पितृ पक्ष का महत्व

ऐसी मान्यता है कि अपने देह का त्याग हमारे जो पूर्वज कर चुके हैं. पितृ पक्ष में उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं.  इसे श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है. श्राद्ध का मतलब होता है श्रद्धा पूर्वक. ये कहा जाता है कि मृत्युलोक के देवता यमराज पितृ पक्ष यानि श्राद्ध में पूर्वजों की आत्मा को मुक्ति दे देते हैं. जिससे वो अपने परिजनों के यहां जाएं और अपने तर्पण को ग्रहण करे. ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि पितरों का तर्पण अगर पितृ पक्ष में किया जाए तो इससे पितृ दोष दूर हो जाता है.

 पितृ दोष जिन लोगों की कुंडली में होता है, उन्हें अपने जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इतना ही नहीं बल्कि मान सम्मान में भी कमी आती है, और धन की बचत नहीं हो पाती है. रोग और परेशानियां उनके पीछे पड़ी रहती है. यही कारण है कि पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण किया जाता है, ऐसा करने से पितृ दोष दूर हो जाता है, और सभी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है.

कब से होगा पितृ पक्ष का आरंभ

20 सितंबर 2021 से हिंदू पंचाग के अनुसार पितृ पक्ष की शुरुआत होती है, और 6 अक्टूबर 2021 को खत्म हो जाएगा. पितृ पक्ष की तिथि 26 सितंबर को नहीं है.

 

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