राजस्थान: कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने को एक्शन मोड में आए अजय माकन

Smart News Team, Last updated: 01/09/2020 02:26 PM IST
  • जयपुर. राजस्थान में कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर कांग्रेस के नए प्रभारी अजय माकन ने कमान संभाल ली है और कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं वन टू वन संवाद कर रहे हैं। नेताओं से संवाद के दौरान उनके मन की बात जानने के साथ ही संगठन को लेकर उनका सुझाव भी जान रहे हैं। 
अजय माकन

जयपुर। राजस्थान में पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी में हुआ सियासी संग्राम भले ही थम गया हो लेकिन, पार्टी में अभी भी गुटबाजी का दौर जारी है। अब कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रदेश में अजय माकन को कमान सौंपी है। जिसके बाद माकन भी गुटबाजी को खत्म करने के लिए एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं।

एकजुटता से काम करने की बताई जरूरत

कांग्रेस के नए प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश के नेताओं से फीडबैक बैठक के पहले दिन पीसीसी में 46 वरिष्ठ नेताओं से वन टू वन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने एक-एक कांग्रेस नेता के मन की बात जानने के साथ ही संगठन को लेकर उनका सुझाव भी जाना। इस संवाद के दौरान अधिकतर नेता पार्टी में गुटबाजी के विरोध में नजर आए और गुटबाजी खत्म करके एकजुटता से काम करने की जरूरत बताई।

पायलट खेमे के नेताओं से अकेले में बात, डोटासरा और सहप्रभारी भी बाहर

अजय माकन ने सचिन पायलट खेमे के दो वरिष्ठ नेताओं और मौजूदा विधायकों से अकेले में बात की। इन दोनों नेताओं से बातचीत के वक्त कांग्रेस प्रदेशााध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और दोनों सहप्रभारी भी बाहर चले गए। जबकि कई नेताओं से फीडबैक के दौरान डोटासरा और दोनों सहप्रभारी मौके पर ही मौजूद थे। ऐसे में तरह-तरह के कयास सामने आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जैसे ही सचिन पायलट खेमे के विधायक हेमाराम और दीपेंद्र सिंह शेखावत से फीडबैक के लिए माकन उनके पास पहुंचे तो कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, सह प्रभारी सचिव विवेक बंसल और तरुण कुमार उठकर बाहर चले गए।

वरिष्ठों ने दिए अपने-अपने सुझाव

सुत्रों के अनुसार, फीडबैक बैठक के दौरान पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनारायण मीणा ने आदिवासी अफसरों को अच्छी पोस्टिंग देने के साथ ही पार्टी संगठन में गुटबाजी खत्म करने का भी सुझाव दिया। वहीं, सचिन पायल खेमे के वरिष्ठ नेता और विधायक दीपेंद्र सिंह शेखावत और हेमाराम चैधरी ने माकन को पार्टी कार्यकर्ताओं के काम करवाने, जनता से किए गए वादे को पूरे करने, विधाायकों की सिफारिश और सबकी राय को सत्ता-संगठन में महत्व देने की बात कही।

कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने इस संबंध में कहा कि इस फीडबैक का मकसद वरिष्ठ नेताओं का मन टटोलना था। माकन ने दावा किया है कि सत्ता और संगठन में अब कोई गुटबाजी नहीं है और बड़े-छोटे सभी नेता एक हैं। सरकार भी अच्छा काम कर रही है।

संभागवार जिलों के लोगों से लगातार लेंगे फीडबैक

माकन ने कहा कि अब वे स्वयं संभागवार जिलों के लोगों से लगातार फीडबैक लेंगे। जिससे संगठन को मजबूत करने के साथ सरकार से बेहतर तालमेल रखा जा सके। इसमें यह भी पता करेंगे कि जनता क्या चाहती है।

अब देखना यह होगा कि सत्ता संगठन में वरिष्ट नेताओं के इन सुझावों पर कितना अमल होता है और कांग्रेस में गुटबाजी का सिलसिला कब तक खत्म होता है।

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