राजस्थानी संस्कृति और जायके का उठाना हो लुत्फ, तो जाना ना भूलें चोखी ढाणी

Smart News Team, Last updated: Mon, 5th Jul 2021, 1:29 AM IST
  • जयपुर का चोखी धाणी रिजॉर्ट, जो कि पर्यटकों को राजस्थानी गांव की संस्कृति का एहसास करवाता है. यह जगह प्राचीन कलाकृतियों, हस्तशिल्प, चित्रकारी, लोककथाओं और मूर्तियों के साथ पारंपरिक राजस्थान के वास्तविक चित्रण को भी दिखाता है.
इस रिजॉर्ट को साल 1989 में तैयार किया गया था. चोखी धाणी का मतलब होता है 'अच्छा गांव', ऐसे में यहां आकर लोगों को गांव का अनुभव भी करने को मिलेगा. (Pic Credit- Jaipur Tourism Government Official Site)

राजस्थान राज्य अपने बड़े-बड़े किले, राजघरानों और त्योहारों के साथ-साथ अपनी संस्कृति और खानपान के लिए भी खूब जाना जाता है. जो भी व्यक्ति राजस्थान जाता है उसे यहां की संस्कृति से प्यार हो जाता है. हर कोई चाहता है कि वह राजस्थान के इतिहास के बारे में जाने, यहां की संस्कृति से जुड़े और यहां के खान-पान का भी लुत्फ उठाए. ऐसे में पर्यटकों को एक जगह पर इन सभी का लुत्फ उठाने का मौका मिल सकता है. वह जगह है जयपुर का चोखी ढाणी रिजॉर्ट, जो कि पर्यटकों को राजस्थानी गांव की संस्कृति का एहसास करवाता है.

टोंक रोड पर शहर के बाहरी इलाके में स्थित है. यह जगह प्राचीन कलाकृतियों, हस्तशिल्प, चित्रकारी, लोककथाओं और मूर्तियों के साथ पारंपरिक राजस्थान के वास्तविक चित्रण को भी दिखाता है. बताया जाता है कि इस रिजॉर्ट को साल 1989 में तैयार किया गया था. चोखी धाणी का मतलब होता है 'अच्छा गांव', ऐसे में यहां आकर लोगों को गांव का अनुभव भी करने को मिलेगा.

 

चोखी धाणी आकर लोग कठपुतली का खेल, कंचे का खेल, भविष्यवाणी करने वाले तोते, जादू के शो, घुड़सवाली, नौका विहार जैसी कई गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं. (Pic Credit- Jaipur Tourism Government Official Site)

चोखी धाणी आकर लोग कठपुतली का खेल, कंचे का खेल, भविष्यवाणी करने वाले तोते, जादू के शो, घुड़सवाली, नौका विहार जैसी कई गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं. यहां के भोजन, कपड़े, जीवन शैली, कलाकृतियां, शिल्प, चित्रकारी, मूर्तियां, लोकगीत, विभिन्न नृत्य, गायन और कई अन्य पारंपरिक चीजें इस जगह को और भी खास बना देती हैं. लोग यहां आकर कालबेलियों का लोकप्रिय नृत्य और फायर शो भी देख सकते हैं. इसके अलावा रिजोर्ट में भूल भुलैया भी है, जहां बच्चे से लेकर बड़े तक घूम सकते हैं.

यहां घूमने का सबसे बेहतरीन समय नवंबर से मार्च तक का होता है, क्योंकि इस समय मौसम काफी सुहावना होता है. (Pic Credit- Jaipur Tourism Government Official Site)

घूमने का समय: यहां घूमने का सबसे बेहतरीन समय नवंबर से मार्च तक का होता है, क्योंकि इस समय मौसम काफी सुहावना होता है. चोखी धाणी की एंट्री टिकट जहां व्यस्कों के लिए 700 रुपए से 1100 रुपये तक की है तो वहीं बच्चों के लिए यह शुल्क 400 रुपये से 700 रुपये है.

चोखी धाणी रिजोर्ट जयपुर इंटरनेशनल हवाई अड्डे से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तो वहीं जयपुर जंक्शन से रिजोर्ट की दूरी करीब 20 किलोमीटर है. ऐसे में लोग रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट से निजी वाहन कर यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें