'जयपुर का गहना' कहा जाने वाला रामबाग पैलेस वास्तुकलाओं का सबसे बेहतरीन नमूना है

Smart News Team, Last updated: Fri, 16th Jul 2021, 9:35 PM IST
  • देश की आजादी से पहले रामबाग पैलेस को अंग्रेजों ने अपना राजकीय भवन बना दिया था. हालांकि स्वतंत्रता के बाद साल 1956 में इस महल को होटल में तब्दील करने की घोषणा हुई.
48 एकड़ जमीन पर फैले रामबाग पैलेस का निर्माण 1835 के आसपास हुआ था. (Credit: Rambagh Palace Official Instagram)

राजस्थान में मौजूद महल और किले वास्तुकला का उत्कर्ष्ट उदाहरण पेश करते हैं. यह राजस्थान की समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ इतिहास की अद्भुत कहानी भी बयां करते हैं. जयपुर का रामबाग पैलेस उन्हीं बेहतरीन महलों में से एक है. हालांकि, अब इस खूबसूरत महल को एक होटल में तब्दील कर दिया है. वर्तमान समय में रामबाग पैलेस पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. इस महल की अद्भुत खूबसूरती को देखते हुए कई लोग इसे 'जयपुर का गहना' भी कहते हैं.

बताया जाता है 48 एकड़ जमीन पर फैले रामबाग पैलेस का निर्माण 1835 के आसपास हुआ था. यहां पर सबसे पहले शाही गेस्टहाउस और शिकार लॉज बनाया गया था. 20वीं शताब्दी में रामबाग पैलेस का 'सैम्युल स्वींटन जैकब' ने कुछ डिजाइन्स बनाकर विस्तार किया था. जिसके बाद 1925 में रामबाग पैलेस को जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह 2 ने अपना स्थायी निवास बना लिया.

1925 में रामबाग पैलेस को जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह 2 ने अपना स्थायी निवास बना लिया. (Credit: Rambagh Palace Official Instagram)

देश की आजादी से पहले रामबाग पैलेस को अंग्रेजों ने अपना राजकीय भवन बना दिया था. हालांकि स्वतंत्रता के बाद साल 1956 में इस महल को होटल में तब्दील करने की घोषणा हुई.

रामबाग पैलेस की वास्तुकला: इस महल का निर्माण बलुआ पत्थर और संगमरमर से हुआ था, यह उस समय की अद्भुत कला का एक बेहतरीन नमूना है. पैलेस को बनाने के लिए कई जगहों पर ल का भी इस्तेमाल किया गया है. इस महल में अब 78 कमरे और सुइट्स हैं, जिनमें संगमरमर और बुला पत्थरों से बने नक्काशीदार जाले और जालियां मौजूद हैं. इन सभी जालों की नक्काशी हाथों से की गई है. 2017 में जयपुर का रामबाग पैलेस टॉप-10 हैरीटेज होटल्स की लिस्ट में भी शामिल हुआ था.

 

देश की आजादी से पहले रामबाग पैलेस को अंग्रेजों ने अपना राजकीय भवन बना दिया था. (Credit: Rambagh Palace Official Instagram)

रामबाग पैलेस में कई दरबार हॉल, स्विमिंग पूल, पुस्तकालय, बिलियर्ड रूम आदि मौजूद हैं. बताया जाता है कि इस होटल में एक स्टीम ट्रेन भी है, जो टेबल पर राउंड घुमते हुई खाना सर्व करती है. ऐसे में अगर आप रॉयलटी की झलक देखना चाहते हैं तो रामबाग पैलेस का जरूर भ्रमण करें.

रामबाग पैलेस में कई दरबार हॉल, स्विमिंग पूल, पुस्तकालय, बिलियर्ड रूम आदि मौजूद हैं. (Credit: Rambagh Palace Official Instagram)

दिल्ली से जयपुर: दिल्ली से जयपुर की दूरी करीब 294 किलोमीटर है. आप बस, ट्रेन या फिर फ्लाइट से जयपुर तक का सफर तय कर सकते हैं. बस के रास्ते दिल्ली से जयपुर पहुंचने में केवल 4 घंटे 53 मिनट का समय लगता है. वहीं अगर आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं तो इसमें केवल 5 घंटे 15 मिनट का समय लगेगा. फ्लाइट से केवल डेढ़ घंटे में आप दिल्ली से जयपुर पहुंच सकते हैं.

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