Shardiya Navratri 2021: इस बार किस वाहन से आएंगी माता रानी, जानिए भविष्य की घटनाओं पर पड़ेगा कैसा असर

Pallawi Kumari, Last updated: Sun, 19th Sep 2021, 10:14 AM IST
  • हिंदी पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर से हो रही है, जो 9 दिनों तक यानी 15 अक्टूबर तक है. ऐसे में आइये जानते हैं कि इस बार नवरात्रि पर मां दुर्गा किस वाहन से आएगी और इसका भविष्य में आने वाली घटनाओं पर क्या असर पड़ेगा.
शरद नवरात्रि पर किस वाहन से आएंगी माता रानी. फोटो साभार-हिन्दुस्तान

शरद नवरात्रि यानी शारदीय नवरात्रि का आगमन जल्द ही होने वाला है. साल में वैसे तो मुख्य तौर पर दो नवरात्रि मनाई जाती है. चैत्र मास में पड़ने वाले नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहते हैं और अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है. दोनों ही नवरात्र के अपने अपने खास महत्व है. इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 7 अक्टूबर से होगी और 15 अक्टूबर 2021 को इसका समापन होगा. 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्र में माता के अलग अलग नौ रूपों की पूजा का विधान होता है. 

हर साल माता का आगमन खास होता है क्योंकि माता की सवारी, भविष्य में आने वाली घटनाओं के बारे में बताती है. तो चलिए जाने जानते हैं कि इस बार शारदीय नवरात्रि में माता-रानी किस वाहन पर सवार होकर आ रही है.

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किस वाहन पर सवार होकर आएगी माता रानी-  इस बार नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर यानी गुरुवार के दिन से हो रही है. इसका मतलब है कि माता रानी इस बार डोली पर सवार हो कर आएंगी. देवी भागवत पुराण के अनुसार जब भी नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार को होती है तो माता डोली पर सवार हो कर आती है. वहीं सोमावार और रविवार से अगर नवरात्रि की शुरुआत होती है तो माता हाथी पर सवार होकर आती है. शनिवार और मंगलवार को माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं. इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है. इसका अर्थ ये है कि इस बार माता 'डोली' पर सवार होकर आएंगी.

क्या है डोली में सवार होकर आने का अर्थ- वैसे तो माता रानी की सवारी शेर है, लेकिन सप्ताह के दिनों के मुताबिक भागवत पुराण में उनकी सवारी के बारे में बताया गया है. जब भी माता शेर पर सवार होकर आती है तो अपने भक्तों का कल्याण करती हैं और भक्तों को माता का सौभाग्य प्राप्त होता है. वहीं जब माता डोली पर सवार होकर आती है तो कुछ परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ता है. इस दौरान संक्रामक रोगों के फैलने, राजनीतिक रूप से भी माता का डोली पर आना शुभ नहीं माना जता. हालांकि माता के डोली पर आने से स्त्री शक्ति को मजबूती मिलेगी.

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