जयपुर: प्रदेश के एकमात्र मूक बधिर कॉलेज के विद्यार्थियों का भविष्य भी अंधेरे में

Smart News Team, Last updated: Thu, 21st Jan 2021, 8:41 PM IST
  • जयपुर के पोद्दार स्कूल में संचालित प्रदेश के एकमात्र मूक बधिर कॉलेज के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है. कॉलेज में जो इंटरप्रिटेटर पढ़ा रहे थे, वे फिक्स राशि देने की मांग कर रहे थे. उन्हें प्रति क्लास 250 रुपए दिया जा रहा था, जिससे वे अंसतुष्ट थे और उन्होंने पढ़ाने से मना कर दिया.
इस स्कूल के प्रथम तल पर चलता है प्रदेश का एकमात्र मूक बधिर कॉलेज

जयपुर. शहर के गांधी सर्किल स्थित राजकीय पोद्दार स्कूल में संचालित राजकीय कॉलेज राजस्थान का एकमात्र ऐसा महाविद्यालय है, जहां मूक बधिर विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है. उधार के कमरों में चल रहे इस कॉलेज में पिछले छह साल से मूक बधिर विद्यार्थियों को प्रवेश देकर पढ़ाया जा रहा है, लेकिन आज तक सरकार ने इन विद्यार्थियों के लिए एक भी स्थायी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की है. उच्च शिक्षा विभाग हर साल मूक बधिर विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अस्थाई तौर पर इंटरप्रिटेटर नियुक्त करता रहा है. 

इस साल अब तक 200 से अधिक बच्चों ने यहां एडमिशन लिया है, लेकिन इस बार इन्हें पढ़ाने के लिए इंटरप्रिटेटर भी नहीं लगाया गया है. गौरतलब है कि वर्ष 2014-15 में जयपुर में प्रदेश के इस पहले मूक बधिर कॉलेज की स्थापना की गई थी. देश में कोयम्बटूर के बाद जयपुर ऐसा प्रदेश है, जहां मूक बधिर बच्चों को उच्च शिक्षा की सौगात मिली. दो कमरों में यह कॉलेज शुरू हुआ था और आज पोद्दार स्कूल के प्रथम तल पर इसका संचालन किया जा रहा है. उधार के कमरों में चल रहे कॉलेज में मूक बधिर विद्यार्थियों को संसाधनों के संकट का भी सामना करना पड़ रहा है. शिक्षकों और संसाधनों की मांग को लेकर कॉलेज के विद्यार्थी कई बार आंदोलन कर चुके हैं. शिक्षा संकुल तक रैली निकाल अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन ही मिला है.

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इसलिए खड़ा हुआ संकट: कॉलेज में जो इंटरप्रिटेटर मूक बधिर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे, वे फिक्स राशि दिए जाने की मांग कर रहे थे. कॉलेज प्रशासन राज्य सरकार के नियमों के आधार पर अब तक उन्हें प्रति क्लास 250 रुपए दे रहा था. इंटरप्रिटेटर इससे अंसतुष्ट थे और उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाने से इंकार कर दिया. ऐसे में अब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कोई नहीं है.

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