अचार संहिता बनी बाधा, राजस्थान में हजारों शिक्षक व कर्मचारी तबादले के इंतजार में

Smart News Team, Last updated: 08/12/2020 11:21 PM IST
  • जिस समय तबादला आवेदन लिए गए, उस समय प्रशासनिक विभाग ने तबादलों की छूट दे रखी थी. लेकिन, पंचायती राज व निकाय चुनावों की आचार संहिता के चलते सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादलों की प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है. अब किसी विभाग को तबादले से पहले इसका औचित्य बताते हुए प्रशासनिक विभाग से अनुमति लेनी होगी.
जयपुर स्थित शिक्षा संकुल

जयपुर. कोरोना के कारण लॉकडाउन लगाए जाने से राजस्थान में इस बार पंचायती राज व निकाय चुनाव देरी से करवाए जा रहे हैं. इन चुनावों के कारण प्रदेश में लंबे समय से तबादले का आस लगाए शिक्षकों और विभिन्न मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारियों को निराशा हाथ लग रही है. जिस समय तबादला आवेदन लिए गए, उस समय प्रशासनिक विभाग ने तबादलों की छूट दे रखी थी. लेकिन, पंचायती राज व निकाय चुनावों की आचार संहिता के चलते सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादलों की प्रक्रिया रोक लगा दी है. 

सामान्य प्रशासन विभाग ने तबादलों पर प्रतिबंध लगाकर सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अब अगर किसी विभाग को तबादले करने हैं तो पहले इसका औचित्य बताते हुए प्रशासनिक विभाग से अनुमति लेनी होगी. गौरतलब है कि तबादलों के लिए ऑनलाइन मांगे गए आवेदनों में शिक्षा विभाग को 36 हजार 803 शिक्षकों व कार्मिकों ने आवेदन किए थे. इनमें 34 हजार 730 शिक्षक वर्ग के व 2073 मंत्रालयिक वर्ग के कर्मचारियों ने आवेदन किए थे. अगर शिक्षा मंत्री भी चाहें तो उन्हें मुख्यमंत्री से लेकर सामान्य प्रशासनिक विभाग तक से तबादलों की छूट लेनी होगी. हालांकि सरकार अगर चाहे तो जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनावों के बाद 11 दिसंबर से हट रही चुनाव आचार संहिता के बाद शिक्षकों के तबादले कर उन्हें अपने इच्छित स्थानों पर जाने का अवसर दे भी सकती है. 

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शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब सरकार को तबादलों के लिए मिली छूट अवधि में तबादले करने ही नहीं थे तो शिक्षकों और कार्मिकों से ऑनलाइन आवेदन लेकर उनमें अपने इच्छित स्थान पर जाने की लालसा क्यों जगाई.

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