जयपुर में कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल, इंजेक्शन से किया जा रहा परीक्षण

Smart News Team, Last updated: Tue, 22nd Dec 2020, 12:21 AM IST
  • राजस्थान के जयपुर के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल चल रहा है. रिसर्च के प्रिंसिलिपल इन्वेस्टीगेटर डॉक्टर मनीष जैन ने ट्रायल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की
जयपुर में कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल शुरू

जयपुर. कोरोना से जंग जीतने की कवायद के तहत भारत बायोटेक कंपनी कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है. इस वैक्सीन के पहले दो फेज का ट्रायल पूरा हो चुका है. हाल ही में तीसरे फेज का ट्रायल शुरू किया गया है. राजस्थान में जयपुर के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल में अब तक 300 लोगों का ट्रायल किया जा चुका है. तीसरे फेज में दस हजार लोगों पर ट्रायल किया जाना है. कोरोना वैक्सीन की रिसर्च में लगे प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर और कंसलटेंट प्लमोनोलोजिस्ट डॉक्टर मनीष जैन वैक्सीन के इस्तेमाल और ट्रायल के बारे में जानकारी सांझा की है. जयपुर में हो रहे कोरोना वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया के बारे में डॉक्टर मनीष जैन ने बताया कि जयपुर में कोरोना वैक्सीन का परीक्षण इंजेक्शन से किया जा रहा है. शुरुआत में एक हजार लोगों पर ट्रायल किया जा रहा है. अभी 300 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. जिसके परिणाम काफी अच्छे रहे हैं.

कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट के बारे में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि साइड इफेक्ट या तो नार्मल होता है या फिर गंभीर. नॉर्मल साइड इफेक्ट में दर्द आदि की शिकायत रहती है और गंभीर साइड इफेक्ट में वैक्सीन लगाए जाने वाली जगह का लाल हो जाना, चक्कर आना, बुखार, खुजली और सिर दर्द की शिकायत रहती है. उन्होंने बताया कि अब तक तीन सौ लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल में किसी तरह का साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है.

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डॉक्टर मनीष जैन ने बताया कि इस वैक्सीन के दो डोज लगाए जाएंगे और मरीजों की मॉनिटरिंग की जाएगी. उनसे टेलीफोन पर संपर्क रखा जाएगा. यदि किसी व्यक्ति को साइड इफेक्ट या नुकसान होता है तो एक करोड़ रुपए तक के बीमा की व्यवस्था की गई है. मेडिकल बिलों के पुर्नभुगतान की भी सुविधा का भी प्रबंध है. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाएगी. इसमें एक दिन कम या ज्यादा हो सकता है. दूसरे डोज के बाद एंटीबॉडी लेवल बन जाता है. वैक्सीन लगने के बाद संबंधित व्यक्ति तीन से छह महीने तक कोरोना से सुरक्षित रहता है. वैक्सीन नया होने के कारण अभी समय का सही आंकलन संभव नहीं है.

डॉक्टर मनीष जैन ने साफ किया कि कोरोना वैक्सीन दूसरे गंभीर वायरस से भी लोगों को बचाने में कारगर होगी, यह शोध का विषय है. इसकी सफलता के बाद ही इस पर शोध किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी 70 साल की उम्र तक के लोगों को वैक्सीन दी गई है. आगे 18 साल से कम उम्र के लोगों को भी ट्रायल में शामिल किया जाएगा. ट्रायल से पहले पूरी मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जाती है. उन्होंने बताया कि सरकार ही यह निर्णय करेगी कि वैक्सीन बाजार में कब उपलब्ध होगी लेकिन अनुमान है कि मार्च 2021 में वैक्सीन बाजार में आ सकती है. उन्होंने वैक्सीन के ट्रायल में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल होने की अपील की है.

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