अद्भुत है राजस्थान का जल महल, जानिए कैसे 300 साल से पानी में भी है चमकदार

Smart News Team, Last updated: 22/09/2020 08:58 PM IST
  • राजस्थान की राजधानी जयपुर में 5 मंजिला जल महल है. इसकी 4 मंजिल पिछले 300 साल से पानी में डूबी हुई है.इस महल के निर्माण में ऐसा क्या उपयोग किया गया जो 300 साल तक पानी में रहने के बाद भी खराब नहीं हुआ.
जलमहल जयपुर

जयपुर. भारत की स्थापत्य कला और राजाओं के भव्य निर्माण 21वीं सदी की इंजीनियरिंग के लिए चुनौती बने हुए हैं.राजस्थान की राजधानी जयपुर में 5 मंजिला जल महल है. इसकी 4 मंजिल पिछले 300 साल से पानी में डूबी हुई है. सवाल यह है कि 300 साल पहले जब लोग पक्के मकान नहीं बना पाते थे, इस महल के निर्माण में ऐसा क्या उपयोग किया गया जो 300 साल तक पानी में रहने के बाद भी खराब नहीं हुआ.

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी से बीटेक ग्रेजुएट नीता सिंह बताती है कि राजस्थान के ऐतिहासिक जल महल को 300 साल पहले आमेर के महाराज ने 1799 में बनवाया था.

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जल महल के निर्माण के पीछे एक विशेष कारण था जिससे बहुत कम लोग जानते हैं, जब 15वीं शताब्दी में इस जगह में अकाल पड़ने पर आमेर के शासक ने बांध बनाने का निश्चय किया ताकि आमेर और अमागढ़ के पहाड़ों से निकलने वाली पानी को इकठ्ठा किया जा सके और पानी के निकास के लिए पानी के भीतर 3 आंतरिक दरवाजे बनाये और मानसागर झील बनाकर तैयार की गई.

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बांध के बीच क्यों बनवाया जलमहल

इस झील की सुंदरता उस समय के राजाओं के आकर्षण का केंद्र थी और राजा अक्सर नाव में बैठ इसकी सैर किया करते थे. राजा सवाई जयसिंह ने झील के बीचों-बीच महल बनाने का निश्चय किया था ताकि वह अश्वमेघ यज्ञ के बाद अपनी रानी और पंडितों के साथ झील के मध्य में शाही स्नान कर सके. झील के बीच अपनी दास्तां सुनाता जल महल पांच मंजिला इमारत है, जिसकी 4 मंजिल पानी के भीतर बनी हैं और एक पानी के ऊपर नजर आती है

जलमहल के निर्माण में कौनसी विषय सामग्री का हुआ उपयोग

इस पंच मंजिला महल में जिसकी चार मंजिल हमेशा ही पानी में डूबी रहती है और सिर्फ एक मंजिल नजर आती हैं. इस महल के किसी भी कोने से पानी का रिसाव नहीं होता है क्योंकि इसे बनाने में मजबूत चूना पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है और काफी मोटी मोटी दीवारें बनाई गई हैं.

जयपुर के जल महल में कुल कितने कमरे हैं

जल महल का निर्माण आवासीय तौर पर ना होकर एक पिकनिक स्पॉट के तौर पर किया गया था. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जल महल के अंदर कोई कमरा नहीं है. इस महल में राजाओं ने कभी रात्रि विश्राम नहीं किया. इस महल के अंदर केवल गलियारे और छत पर बगीचा ही है.

 

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